8th Pay Commission Latest Update: नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग को भेजे गए अपने साझा ज्ञापन में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के मिनिमम सैलरी में भारी वृद्धि, एक महीने की सैलरी के बराबर ग्रेच्युटी और अन्य लाभों का प्रस्ताव रखा है। एनसी-जेसीएम, केंद्र सरकार (नियोक्ता) और केंद्रीय कर्मचारियों के बीच बातचीत के लिए सर्वोच्च संस्था है।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संस्था ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के सामने फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखने का प्रस्ताव दिया है। इससे 7वें वेतन आयोग में मिनिमम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये हो सकता है।
वेतन आयोग में जीवन निर्वाह लागत (Cost Of Living) और महंगाई जैसे कारकों के आधार पर वेतन में संशोधन करने के लिए फिटमेंट फैक्टर एक गुणक है, जिसे मौजूदा मूल वेतन पर लागू करके नए वेतन की गणना की जाती है। एनसी-जेसीएम ने 6 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, प्रमोशन पर दो वेतन वृद्धि (कम से कम 10,000 रुपये के लाभ के अधीन) आदि का भी प्रस्ताव रखा। अगर यह बदलाव अमल में लाया जाता है तो इसका असर सीधे केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेशनर्स पर पड़ेगा। फिटमेंट फैक्टर लागू होने से सभी स्तरों पर वेतन वृद्धि एक समान होती है। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन संशोधन में 2.57 के फिटमेंट फैक्टर का उपयोग किया गया था। 6वें वेतन आयोग के तहत प्रवेश स्तर का मूल वेतन 7,000 रुपये था, जिसे इस फैक्टर से गुणा करने पर 7वें वेतन आयोग के तहत मिनिमम सैलरी 18,000 रुपये हो गया।
वेतन मैट्रिक्स में कुल 18 स्तर हैं, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के लिए उच्च स्तर शामिल हैं। कर्मचारियों को मूल वेतन के साथ-साथ एचआरए, भविष्य निधि और अन्य लाभ भी मिलते हैं। राष्ट्रीय डाक संगठनों के संघ ने सरकार से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता को मूल वेतन में विलय करने और उसी तिथि से अंतरिम राहत देने का अनुरोध किया है।
वेतन वृद्धि सरकार द्वारा अपनाए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जिसके विश्लेषकों के अनुसार 2.5 से अधिक होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ कर्मचारी समूहों ने 3.15 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, हालांकि आधिकारिक निर्णय में एक वर्ष से अधिक का समय लग सकता है।
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वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मार्च में संसद को बताया था कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य लाभों पर अपनी सिफारिशें देगा। उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग नवंबर 2025 से 18 महीनों के भीतर यह कार्य पूरा कर लेगा।