नई दिल्ली: 23 जुलाई को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए आम बजट पेश करने वाली हैं। हर बार की तरह इस बार भी हर एक सेक्टर को बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। किसानों, मिडिल क्लास नौकरीपेशा लोगों गांव-गरीब के साथ-साथ कारोबारियों को भी आस है कि उन्हें इस आम बजट से कुछ खास मिलेगा। सरकार भी इस ओर ध्यान दे रही है।
आम बजट 2024-25 बड़े व्यापारियों के साथ ही साथ छोटे कारोबारियों के लिए खास होने वाला है। कहा जा रहा है कि सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बजट के जरिए राहत प्रदान करने पर विचार कर रही है। सूत्रों से जो जानकारी निकलकर सामने आई है उसमें बताया गया है कि बजट में सरकार वस्तुओं व सेवाओं की खरीद के भुगतान के लिए एमएसएमई सेक्टर को 45 दिनों की छूट दे सकती है।
देश के छोटे कारोबारी विशेषत: एमएसएमई सेक्टर के जरिए सरकार जीडीपी को और ग्रोथ देना चाहती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मिलकर देश की जीडीपी में करीब 30 फीसदी का योगदान देते हैं। ऐसे में केन्द्र सरकार उसे और मजबूत करना चाहेगी। जिसके चलते यह माना जा रहा है कि बजट में MSME के लिए कई प्रावधान किए जा सकते हैं।
दूसरी तरफ एमएसएमई सेक्टर से जुड़े व्यापारियों ने भी पिछले दिनों सरकार से के सामने कुछ मांगे रखी थीं। सूत्रों ने बताया कि बजट पर विचार-विमर्श के दौरान सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्योगों की तरफ से इनकम टैक्स एक्ट की धारा 43बी(एच) में बदलाव की मांग की थी। अब सरकार इस पर विचार कर रही है। कहा जा रहा है कि पिछले बजट में सरकार ने 43बी में एक नया खंड जोड़ा था।
कोरोना के बाद से अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहे एमएसएमई सेक्टर ने बजट में कैश फ्लो को बेहतर बनाने वाली पॉलिसी लाने की भी मांग की थी। इसके अलावा स्टार्टप इंडिया के लिए फंडिग के रास्ते को और सरल बनाने की भी मांग थी। कहा जा रहा है कि वित्त मंत्रालय इस पर भी विचार कर रहा है।
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फिलहाल ये जानकारिया सूत्रों के हवाले से सामने आई हैं। लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ सालों में केन्द्र सरकार ने एमएसएमई सेक्टर पर ध्यान दिया है उससे यह उम्मीद है कि इस बार भी उन्हें राहत मिलेगी। ऐसे में देखना अहम होगा कि छोटे कारोबारियों की उम्मीदों पर सरकार कितना खरा उतरती है।