केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सोर्स- IANS)
बिज़नेस

135 साल पुराना कानून बनेगा इतिहास, राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पास; जानिए क्या बदलेगा

Bankers Books Evidence Bill: इस कानून की जरूरत बताते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1891 का मूल कानून तब बनाया गया था, जब बैंकिंग रिकॉर्ड मुख्य रूप से फिजिकल रूप में रखे जाते थे।

मनोज आर्या

Bankers Books Evidence Bill: राज्यसभा में सोमवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल ध्वनि मत से पारित हो गया है। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के सदस्य संसद से बाहर चले गए। इस कानून का मकसद 135 साल पुराने 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891' की जगह लेना और वित्तीय सबूतों से जुड़े कानूनी ढांचे को आज के डिजिटल बैंकिंग तौर-तरीकों के अनुरूप बनाना है।

इस कानून की जरूरत बताते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1891 का मूल कानून तब बनाया गया था, जब बैंकिंग रिकॉर्ड मुख्य रूप से फिजिकल रूप में रखे जाते थे। इसका मुख्य उद्देश्य कानूनी कार्यवाही में बैंक रिकॉर्ड की सर्टिफाइड कॉपी को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत देना था, ताकि बैंक अधिकारियों को कोर्ट में ओरिजिनल लेजर पेश करने की परेशानी न हो।

विपक्ष के विरोध के बीच बिल पास

डिजिटल बैंकिंग के तेजी से बढ़ने के साथ, अब रिकॉर्ड आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके बनाए और सुरक्षित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बिल पूरी प्राइवेसी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेश किया गया है। जब बिल पेश किया गया, तो विपक्ष के सदस्य नारे लगाते रहे।

उप-सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा कि अगर वे बिल तक ही अपनी बात सीमित रखें, तो उन्हें 1952 के नियमों के तहत बोलने की इजाजत दी जाएगी। इसके बाद तीखी बहस हुई। खड़गे ने अपनी आवाज ऊंची करते हुए चंदा चोर... कहा, लेकिन शोर-शराबे में उनकी बात दब गई।

कई सदस्यों ने चर्चा में लिया भाग

इसके बाद उप-सभापति ने सदस्यों से विषय पर ही बात करने का अनुरोध किया और कई वक्ताओं को बोलने के लिए बुलाया, जिनमें मोहम्मद नदीमुल हक (एआईटीसी, पश्चिम बंगाल), अरुण सिंह (बीजेपी, उत्तर प्रदेश), मानस रंजन मंगराज (बीजेडी, ओडिशा), एस. निरंजन रेड्डी (वाईएसआरसीपी, आंध्र प्रदेश), राजेंद्र हीरालाल जैन (एनसीपी, महाराष्ट्र), भाष्यम रामा कृष्णा (टीडीपी, आंध्र प्रदेश), रवि चंद्र वद्दिराजू (वीआरएस, तेलंगाना), एल.के. सुधीश (डीएमडीके, तमिलनाडु), डॉ. एम. धनपाल (एआईएडीएमके, तमिलनाडु) और डॉ. ज्योति नागनाथ वाघमारे (शिव सेना, महाराष्ट्र) शामिल थे।

बिल पर बोलने वाले सदस्यों ने लंबे समय से लंबित इस तकनीकी अपडेट का स्वागत किया और नए कानून में डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के बारे में भी बात की।

रांची में बवाल! विधानसभा से भगाए गए प्रदर्शनकारी, देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस से ले गई पुलिस-VIDEO

JPSC Exam Scam: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा धांधली की ED जांच शुरू, मनी ट्रेल खंगालने रांची पहुंची 5 सदस्यीय टीम

अवैध बांग्लादेशियों पर कसा शिकंजा, बेंगलुरु पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन; 100 से अधिक विदेशियों की हुई पहचान

आज की ताजा खबर 10 अगस्त LIVE: रांची में पुलिस के सामने राष्ट्रगान गाने लगे छात्र; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

SBI Vacancy 2026: ग्रेजुएट युवाओं के लिए SBI में नौकरी का मौका, 1,538 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता व सैलरी