आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ( प्रतीकात्मक तस्वीर) 
बिज़नेस

नौकरीपेशा लोगों पर AI का खतरा, खत्म होंगी 2 लाख नौकरियां, इस सेक्टर में आएगी भूचाल

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के मुताबिक, अगले 3 से 5 सालों में ग्लोबल बैंक 2 लाख नौकरियों में कटौती करेंगे क्योंकि अब AI उन कामों में हस्तक्षेप कर रही है जो फिलहाल इस काम को इंसानी कर्मचारियों करते हैं।

मनोज आर्या

नई दिल्ली: भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)काफी तेजी से विकसित हो रहा है। एआई की मौजूदगी के साथ ही नौकरी करने वाले लोगों में इस तकनीक को लेकर चिंता और उत्सुकता दोनों ही देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर लोग दो धड़ों में बंट चुके हैं। एक धड़ा इस तकनीक को नौकरी के लिए एक बड़ी समस्या के रूप में देख रहा है, वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि एआई से लोगों का जीवन आसान होगा। इन चर्चाओं के बीच ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस ने जो जानकारी दी है वो शायद नौकरीपेशा लोगों के लिए परेशान करने वाली हो सकती है।

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के मुताबिक, अगले 3 से 5 सालों में ग्लोबल बैंक 2 लाख नौकरियों में कटौती करेंगे क्योंकि अब AI उन कामों में हस्तक्षेप कर रही है जो फिलहाल इस काम को इंसानी कर्मचारियों करते हैं। गुरुवार, 9 जनवरी को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस (बीआई) के लिए सर्वेक्षण करने वाले चीफ इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी ऑफिसर ने संकेत दिया कि औसतन वे अपने वर्कफोर्स का 3 फीसदी कटौती की उम्मीद करते हैं।

इन सेक्टर की नौकरियों पर सबसे ज्यादा खतरा

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के सीनियर एनालिस्ट टोमाज नोएटजेल ने रिपोर्ट लिखी है। एक मैसेज में उन्होंने कहा कि बैंक ऑफिस, ऑपरेशनल टीम और मिडिल ऑफिस इस तकनीक के आने से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। उनका मानना है कि ग्राहक सेवाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकते हैं क्योंकि बॉट्स क्लाइंट्स फंक्शंस को मैनेज करेंगे, जबकि ‘नो-योर-कस्टमर’ ड्यूटी को भी खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी नौकरी जिसमें रुटीन और दोहराव वाले काम शामिल हैं, जोखिम में हैं। लेकिन एआई उन्हें पूरी तरह से खत्म नहीं करेगा, बल्कि यह वर्कफोर्स के ट्रांसफॉरमेशन की ओर ले जाएगा।

कर्मचारियों की संख्या में 5-10 फीसदी की गिरावट के संकेत

93 रिस्पॉन्डेंट से लगभग एक चौथाई ने कुल कर्मचारियों की संख्या में 5 फीसदी से 10 फीसदी की गिरावट के संकेत दिए हैं। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस की ओर कवर किए गए ग्रुप में सिटीग्रुप इंक, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी और गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक शामिल हैं। सर्वे में जो निष्कर्ष सामने आए हैं वो इंडस्ट्री में बड़े बदलाव के संकेत दे रहे हैं, जिससे इनकम में बढ़ोतरी के अनुमान जता रहे हैं।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, साल 2027 में बैंक प्रीटैक्स प्रॉफिट में 12 फीसदी से 17 फीसदी की बढ़ोतरी देख सकते हैं क्योंकि एआई तकनीक के इस्तेमाल से उत्पाद में बढ़ावा मिलेगा। 8 में से 10 रिस्पॉन्डेंट को उम्मीद है कि जनरेटिव एआई अगले 3 से 5 सालों में प्रोडक्टिविटी और रेवेन्यू बनाने में कम से कम 5 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा।

बैंकिंग सेक्टर में 54 प्रतिशत ऑटोमेशन की संभावना

वित्तीय संकट के बाद प्रोसेस को तेज करने और लागत कम करने के लिए अपने आईटी सिस्टम को आधुनिक बनाने में सालों बिताने वाले बैंक अब न्यू जनरेशन के एआई टूल्स की ओर बढ़ रहे हैं, जो प्रोडक्टिविटी को और बढ़ा सकते हैं। सिटी ने जून में एक रिपोर्ट में कहा कि एआई बैंकिंग इंडस्ट्री में अन्य किसी भी सेक्टर्स की तुलना में ज्यादा नौकरियों पर असर कर सकता है। उस समय सिटी ने कहा था कि बैंकिंग में लगभग 54% नौकरियों में ऑटोमेशन की ज्यादा संभावना है।

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