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VB-G RAM G योजना के तहत बिहार में काम शुरू
बिहार ग्रामीण विकास विभाग ने 21 अक्टूबर को आदेश जारी किया
निर्माण कार्यों पर रोक को हटा दिया गया है।
8 जिलों में अकुशल श्रमिकों को नियमित रूप से काम मिल सकेगा।
VB-G RAM G Scheme: बिहार के श्रमिको के लिए सरकार ने आवश्यक कदम उठाया है। त्योहार के बीच आजीविका का रास्ता फिर से खुल गया। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण(VB-G RAM G) योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में अकुशल श्रमिकों के लिए काम आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है।
कृषि मौसम के कारण लगाई गई रोक को समय से पहले हटाते हुए सरकार ने बाढ़ और सूखे से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। ग्रामीण विकास विभाग ने 21 अक्टूबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि 22 अक्टूबर से 10 दिसंबर तक निर्धारित कार्य-विराम अवधि को हटा दिया गया है।
इस साल 22 जिले बाढ़ की चपेट में आए, जबकि 16 जिले सूखे की मार झेल रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों पर रोक लगाना गरीब परिवारों के लिए और मुश्किलें बढ़ा सकता था। विभाग ने आपदा की स्थिति को देखते हुए यह छूट दी, ताकि लोग रोजगार पा सकें और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत भी हो सके। VB-G RAM G योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हुई थी। यह पुरानी मनरेगा की जगह आई है और हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार देती है।
केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में खर्च साझा करते हैं। बिहार में पहले से ही लाखों परिवार इस योजना से जुड़े हैं। अब बाढ़ प्रभावित अरवल, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा समेत 22 जिलों और सूखा प्रभावित अन्य जिलों के मजदूरों को नियमित काम मिल सकेगा। गांवों में रहने वाली महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। हाल के बाढ़ ने सब कुछ बर्बाद कर दिया था। लेकिन लोगों को उम्मीद है कि अब काम मिलेगा तो घर का खर्च चल पाएगा।
योजना के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका विकास और आपदा तैयारी से जुड़े सैकड़ों कामों को मंजूरी दी गई है। स्कूलों के शेड, आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन और जल संरक्षण के काम प्राथमिकता में हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गरीब परिवारों को पलायन न करना पड़े और स्थानीय स्तर पर ही रोजी-रोटी का इंतजाम हो।
125 दिन का रोजगार और समय पर मजदूरी भुगतान इस योजना की खासियत है। बाढ़ और सूखे की दोहरी मार झेल रहे बिहार के लिए यह फैसला सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। आज से शुरू हुए इन कामों से न सिर्फ मजदूरों के हाथ में रोजगार आएगा, बल्कि गांवों का चेहरा भी बदलेगा।