आज पटना में जुटेंगे इंडिया गठबंधन के नेता, फोटो- सोशल मीडिया 
बिहार

वोटर अधिकार यात्रा का अखिरी दिन आज, समापन रैली में तेजस्वी, हेमंत, गहलोत, राऊत, सुले होंगे शामिल

Rahul Gandhi की अगुवाई में बिहार में 17 अगस्त से शुरू हुई वोटर अधिकार यात्रा आज यानी 1 सितंबर को पटना में समाप्त हो रही है। इस समापन कार्यक्रम को पार्टी ने एक बड़े राजनीतिक आयोजन में बदल दिया है।

प्रतीक पाण्डेय

Last Day of Voter Adhikar Yatra: वोटर अधिकार यात्रा का आखिरी दिन है। आज विपक्ष के कई बड़े नेता इसमें हिस्सा लेने के लिए पटना पहुंच गए हैं। इसमें महागठबंधन और इंडिया गठबंधन के लगभग सभी दिग्गज नेता शामिल होने जा रहे हैं।

समापन समारोह के लिए पटना के गांधी मैदान को पूरी तरह से तैयार किया गया था, जहां राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन, सुप्रिया सुले, अशोक गहलोत, संजय राउत और कई अन्य विपक्षी दलों के नेता मौजूद हैं। कांग्रेस ने इस आयोजन को जन क्रांति का रूप दिया और दावा किया कि इसने बिहार में लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर नई चेतना जगाई है।

'गांधी से अंबेडकर' तक की पदयात्रा

समापन के मौके पर राहुल गांधी ने पटना में एक प्रतीकात्मक पदयात्रा की अगुवाई की, जो गांधी मैदान से शुरू होकर पटना हाईकोर्ट के पास स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक गई। इस चार किलोमीटर की यात्रा का नाम रखा गया "गांधी से अंबेडकर तक", जिसका उद्देश्य था गांधी जी के विचारों से लेकर अंबेडकर के संवैधानिक अधिकारों तक की लड़ाई को दर्शाना।

कौन-कौन शामिल हुआ

इस कार्यक्रम में तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी का जोरदार समर्थन किया। साथ ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिवसेना के नेता संजय राउत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले भी मंच पर नजर आए। माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने भी जनसभा को संबोधित किया और कहा कि यह सिर्फ यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है।

यात्रा का उद्देश्य

कांग्रेस के अनुसार वोटर अधिकार यात्रा का मुख्य मकसद था-

  • मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाने की घटनाओं को उजागर करना
  • चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाना
  • वोट चोरी के आरोपों को राष्ट्रीय मंच पर उठाना
  • नागरिकों को उनके मतदान अधिकारों के प्रति जागरूक करना

राहुल गांधी और कांग्रेस ने यह आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा की जा रही प्रक्रिया के कारण लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी, जिसके बाद 65 लाख नामों की एक प्राथमिक लिस्ट जारी करने का आदेश दिया गया है।

यात्रा ने तय किया 1300 KM का दायरा

इस 15 दिनी अभियान ने 1300 किलोमीटर से ज्यादा का रास्ता तय किया और बिहार के 25 से अधिक जिलों को कवर किया। इनमें सासाराम, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, नवादा, औरंगाबाद जैसे जिले शामिल थे। यात्रा के दौरान जनसभाएं, नुक्कड़ सभाएं, और नागरिक संवाद किए गए। लखीसराय और औरंगाबाद में धार्मिक कार्यक्रम भी हुए।

पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पटना में सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल टीम, पुलिस गश्त जैसी व्यवस्थाएं थीं। हालांकि, नवादा और शेखपुरा में दो जगहों पर पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटनाएं सामने आईं, जिससे यात्रा के कुछ हिस्सों में हल्का तनाव भी रहा।

कांग्रेस ने यात्रा को लेकर किया ये दावा

कांग्रेस का कहना है कि यह यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए शुरू की गई जन जागरूकता की मुहिम है। पार्टी ने कहा कि बिहार की जनता ने इस यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया और यह आने वाले समय में विपक्ष की एकजुटता का प्रतीक बनेगी। अब इस यात्रा के समापन के बाद राहुल गांधी ने संकेत दिए कि यह यात्रा अब अन्य राज्यों में भी अपने नए रूप में आगे बढ़ेगी। पार्टी का इरादा मतदाता अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर एक चुनावी एजेंडे के रूप में पेश करने का है। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता को उनका हक दिलाने के लिए वे पूरी ताकत से साथ खड़े रहेंगे।

Cyclone Alert: दिल्ली से आंध्र तक 19 राज्यों में अर्नब चक्रवात का असर, बारिश-तेज हवाओं और लैंडस्लाइड का अलर्ट

MLC Election Results: सभी सीटों के परिणाम जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट; नागपुर और वाराणसी में फंसा पेच

Cyclone Arnab Update: 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएं, अब इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

6,337 वाली दवा अब 1,495 में मिलेगी, कैंसर की किन दवाओं के कितने घटे दाम? देखें लिस्ट

BIG BREAKING: CJP ने दिया कांग्रेस के 1 नवंबर की महारैली को समर्थन, अभिजीत दिपके ने किया ऐलान