नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर फूट-फूटकर रो रहे JDU नेता (Image- Social Media) 
बिहार

CM बदलना है तो फिर से चुनाव कराएं, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर फूट-फूटकर रो रहे JDU नेता, देखें VIDEO

Bihar Politics: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जेडीयू की ओर से आज वो नामांकन दाखिल कर सकते हैं।

अर्पित शुक्ला

Bihar Politics Update: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य की राजनीति गरमा गई है। उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदर भी हलचल तेज हो गई है और इस मुद्दे पर असंतोष के सुर सुनाई देने लगे हैं। गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर इकट्ठा होकर नीतीश कुमार के समर्थन में नारेबाजी की। उनका कहना है कि अगर मुख्यमंत्री बदले जाते हैं तो फिर से चुनाव कराया जाना चाहिए।

पार्टी नेता राजीव रंजन पटेल ने कहा कि वे नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने नहीं जाने देंगे। वहीं दूसरी ओर, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आज जेडीयू की सदस्यता लेकर राजनीति में कदम रखने वाले हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सुबह करीब 10:30 बजे जेडीयू कार्यालय में उन्हें पार्टी में शामिल कराएंगे।

पटना में बढ़ा सियासी माहौल

राजधानी पटना में गुरुवार सुबह से ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच जेडीयू के कई कार्यकर्ता नाराज दिखाई दे रहे हैं। सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि दिल्ली में नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रची जा रही है।

‘नीतीश के लिए हमने मेहनत की’

जेडीयू नेता राजीव रंजन पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर नारे लगाए। उन्होंने कहा, “कल खबरों के जरिए हमें पता चला कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं। यह सुनकर जेडीयू के किसी भी नेता ने होली नहीं मनाई। इस खबर ने हमारी खुशी खराब कर दी।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता हर हाल में नीतीश कुमार को ही बिहार का मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। उनके मुताबिक, जनता और कार्यकर्ताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूरी मेहनत की है, न कि वे बीच में पद छोड़ दें।

निशांत को राज्यसभा भेजने की मांग

राजीव रंजन पटेल ने यह भी कहा कि यदि जरूरत हो तो निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बने रहने चाहिए। उनका कहना है कि हजारों कार्यकर्ता इस खबर से दुखी हैं, क्योंकि लोगों ने घर-घर जाकर नीतीश के नाम पर वोट मांगे थे, किसी और के लिए नहीं।

“नीतीश के नाम पर चुनाव क्यों लड़ा?”

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा फैसला लेना था तो पहले कार्यकर्ताओं से चर्चा की जानी चाहिए थी। उनके अनुसार, अगर मुख्यमंत्री बदले जाते हैं तो जनता से भी राय ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को नेतृत्व बदलना है तो पहले चुनाव कराकर बहुमत हासिल करे।

पार्टी के फैसले पर अलग-अलग राय

राजीव रंजन पटेल ने कहा कि वे मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही रहेंगे और नीतीश कुमार को राज्यसभा नामांकन दाखिल करने नहीं जाने देंगे। उनका कहना है कि निशांत कुमार का नामांकन हो सकता है, लेकिन नीतीश कुमार को नहीं जाने दिया जाएगा।

वहीं जेडीयू के एक अन्य नेता संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी के सबसे बड़े नेता हैं और यदि उन्होंने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है तो उनके फैसले का सम्मान किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता चाहती है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहें। उनके मुताबिक, लोगों में यह चिंता है कि उनका नेता उन्हें छोड़कर दिल्ली जा सकता है।

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