BJP Attacks The Mahagathbandhan Manifesto: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है। जिसे ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ नाम दिया गया है। महागठबंधन के घोषणा को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हमला बोला है।
रविशंकर प्रसाद ने इसे खोखले वादों का पुलिंदा बताते हुए कहा कि इसको बनाने वाले भी जानते हैं कि उनकी सरकार तो बनने वाली नहीं है, इसलिए दावे करने में क्या बुराई है? पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने पटना के भाजपा मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि, यह घोषणा पत्र संयुक्त नहीं, तेजस्वी यादव का प्रण है। उन्होंने कहा, 'यह घोषणा पत्र बिहार की जनता को ऐसे लोकलुभावन तस्वीर पेश करता है, जिसमें न कोई रंग है न ही बदलाव का कोई संकल्प। बिहार की जनता भी समझती है।'
सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस घोषणा पत्र में अपराध पर तो जीरो टॉलरेंस है, लेकिन भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं कहा गया है। स्वाभाविक है कि अगर ऐसा दावा किया जाता तो बात बहुत आगे तक जाएगी। दरअसल, जो नया विजन देने का दावा कर रहे हैं, वे 420 के आरोपी हैं। राजद भ्रष्टाचार की पाठशाला है और यही उनका अतीत है, वर्तमान है और भविष्य भी होगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपराध पर जीरो टॉलरेंस को लेकर कहा कि उन्हें यह भी कहना चाहिए था कि अब मुख्यमंत्री आवास से अपराधियों से बात नहीं होगी। राजद के गुंडे जो जमीन छीनते हैं, वे नहीं करेंगे। अपराध के शक की सुई जहां जाएगी, कार्रवाई करेंगे।
भाजपा नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह न राहुल गांधी का प्रण है, न महागठबंधन का प्रण है, यह मात्र तेजस्वी यादव का प्रण है। राजद के शासनकाल में बिहार का क्या हाल हुआ था, वह देश जानता है। तेजस्वी यादव के विकास कार्यों करने के दावे को लेकर उन्होंने कहा कि जो काम हुआ, वह नीतीश सरकार ने किया और आपके भ्रष्टाचार के कारण ही वे आपसे अलग हुए।
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उन्होंने कहा कि एनडीए का काम जमीन पर उतरा है, आगे और बढ़ेगा। भ्रष्टाचार पर खुलकर बोलने से तेजस्वी यादव डरते हैं। भाजपा नेता ने उपनिवेश बनाने को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 20 साल से एनडीए के नेता हैं और रहेंगे।