पटना: बिहार के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य में अपराधों पर कड़ी नजर रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों द्वारा अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति अब पुलिस 10 दिन के भीतर जब्त कर लेगी।
विनय कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस का मुख्य उद्देश्य राज्य में शांति बनाए रखना और अपराधों की रोकथाम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें। पुलिस बल अब उन अपराधियों पर सख्त नज़र रखेगा जो अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करते हैं।
नए कानून के तहत, जिन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी, उनके द्वारा अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति 10 दिन के भीतर कुर्क कर ली जाएगी। इस कदम से अपराधियों की संपत्ति पर नकेल कसी जाएगी और इससे अपराधियों के मनोबल को भी तोड़ा जा सकेगा। विनय कुमार, जो भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1991 बैच के अधिकारी हैं, ने शुक्रवार को बिहार के नए डीजीपी के तौर पर कार्यभार संभाला। इससे पहले वह बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम (बीपीबीसीसी) के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज की जगह ली है। आलोक राज को अब बीपीबीसीसी में स्थानांतरित कर दिया गया है। विनय कुमार के नेतृत्व में बिहार पुलिस अब पहले से ज्यादा सख्त और प्रभावी तरीके से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बना रही है।
आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि बीते दिनों बिहार में 32 आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी को अपर मुख्य सचिव के पद पर प्रमोट किया गया है। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की विशेष सचिव सीमा त्रिपाठी को सचिव स्तर पर पदोन्नति मिली है, वहीं मगध प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीना को उच्च प्रशासनिक ग्रेड में प्रमोट किया गया है।
सीतामढ़ी के जिलाधिकारी रिची पांडेय, नगर विकास एवं आवास विभाग की संयुक्त सचिव वर्षा सिंह, बांका के जिलाधिकारी अंशुल कुमार, सीवान के जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता, नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश, बक्सर के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल और कई अन्य अधिकारियों को अपर सचिव स्तर पर पदोन्नति मिली है।