भारी बारीश (सौजन्य-पिनटरेस्ट) 
बिहार

बिहार में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट, गंगा का बढ़ा जलस्तर, 13 जिलों में भारी बारिश का अनुमान

मानसून के जाने का समय हो गया है, लेकिन बारिश जाने का नाम नहीं ले रही है। कुछ दिनों से देश के अधिकतर राज्यों में भारी बारिश के चलते जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच अब मौसम विभाग ने बिहार मे हाई अलर्ट जारी किया है साथ ही बिहार के 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

प्रिया जैस

पटना : इस बार ऐसा लग रहा है जैसे मानसून का अभी जाने का मूड नही है। क्योंकि कुछ दिनों से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश , बिहार और यूपी में लगातार बारिश झमाझम बारिश हो रही है। जिससे मौसम का मिजाज समझना भी मुश्किल हो गया है। अब मौसम विभाग की ओर से ये खबर आ रही है कि बिहार में अब बाढ़ आने की संभावना बन गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया था और उसके बाद बिहार में अगले 24 घंटों में करीब राज्य के 13 जिलों में अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी जारी की है।

13 जिलों में भारी बारिश

आईएमडी की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुज़फ़्फ़रपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, पटना, जहानाबाद, मधुबनी और भोजपुर जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में आनेवाले 24 घंटों में अचानक बाढ़ आने का ख़तरा पैदा हो गया है। आईएमडी के ताज़ा पूर्वानुमान के मद्देनज़र राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने इन 13 जिलों के प्रशासन को ‘अलर्ट मोड' पर रहने और स्थिति को संभालने के लिए सभी निवारक उपाय करने को कहा है।

जिलाधिकारियों को किया अलर्ट

डीएमडी ने शुक्रवार को इस संबंध में इन 13 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य भर में कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। बिहार जल संसाधन विभाग ने उफनती कोसी और गंडक नदियों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। विभाग ने इन नदियों से सटे जिलों को सतर्क रहने को कहा है।

खतरे के निशान को छूती नदियां

जल संसाधन विभाग द्वारा शुक्रवार देर शाम जारी बुलेटिन में कहा गया है, "नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण सीमावर्ती जिलों में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को छू रही हैं या उससे ऊपर बह रही हैं। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए 27 और 28 सितंबर की मध्य रात्रि में गंडक नदी पर बने वाल्मीकिनगर बैराज के कुछ गेट खोल और छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाएंगे, जो हाल के दिनों में सबसे अधिक होगा।''

बुलेटिन में कहा गया है कि इसके अलावा 28 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे कोसी बीरपुर बैराज से 6.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएंगे। जल संसाधन विभाग ने अपने अभियंताओं को सतर्क रहने और तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।

निचले इलाके के लोगों को निकाला

बिहार में गंगा नदी के किनारे करीब 12 जिले ऐसे है जिनकी 376 पंचायतों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और निचले इलाकों में रहने वाले करीब 13.56 लाख लोग बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हुए हैं।

मौसम विभाग द्वारा इस चेतावनी के बाद इन जिलों के निचले इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को निकालकर बाढ़ राहत शिविरों में लाया गया है। इन प्रभावित 12 जिलों में बक्सर, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया,भोजपुर, सारण, वैशाली, पटना, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

BRICS Summit Day 1: मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, दिल्ली डिक्लेरेशन और गाला डिनर... समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ?

कांग्रेस का संगठन पुरुष प्रधान है.. कर्नाटक में महिलाओं की अनदेखी पर शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने साधा निशाना

BRICS Summit: भारत मंडपम में भव्य गाला डिनर, PM मोदी ने विदेशी मेहमानों को परोसे खास भारतीय व्यंजन

माउंट रुद्रगैरा पर लहराया तिरंगा: लखनऊ की बेटी पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊंची चोटी की फतह, मिशन एवरेस्ट पर नजर

BRICS Summit: भारत मंडपम में दिखी मोदी-पुतिन-जिनपिंग की केमिस्ट्री, तस्वीरों ने खींचा ध्यान