Bihar Congress Show Cause Notice: बिहार कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर चल रहा आंतरिक विवाद अब और गहरा गया है। पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति ने कथित 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के आरोप में 29 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने सभी नेताओं से 72 घंटे के अंदर अपना जवाब देने को कहा है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी) के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख राजेश राठौर ने बताया कि पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिल देव प्रसाद यादव ने नोटिस जारी कर सभी नेताओं से लिखित जवाब मांगा है। इन नेताओं ने 8 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन के बाहर था।
प्रदर्शनकारी बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को उनके पदों से हटाने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि दोनों नेता बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने में विफल रहे हैं।
पार्टी की ओर से नोटिस पाने वाले नेताओं में पूर्व विधायक अनिल सिंह और पूनम देवी के अलावा पश्चिम चंपारण के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिल्ली स्थित इंदिरा भवन के बाहर प्रदर्शन किया भारत भूषण दुबे शामिल हैं।
औरंगाबाद के पूर्व जिला अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, मधेपुरा के पूर्व जिला अध्यक्ष सत्येंद्र यादव और सीवान के पूर्व जिला अध्यक्ष विधु शेखर पांडेय को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बिहार कांग्रेस में आंतरिक विवाद 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार बना हुआ है। इस चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा था। मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी औरंगाबाद जिले की अपनी विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे। इसके बाद बिहार कांग्रेस के एक वर्ग ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावरू के नेतृत्व को लेकर खुलकर सवाल उठाए।
इस बीच, पार्टी के अंदर इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या कृष्णा अल्लावरु के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या पूरी कार्रवाई सिर्फ विरोध करने वाले नेताओं तक ही सीमित रहेगी। बिहार कांग्रेस के भीतर उठे ये सवाल पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं। 72 घंटे बाद सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि कांग्रेस का अगला कदम क्या होगा।