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अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के बीमार पड़ने के बाद पार्टी में बदलाव का दावा किया।
दुलार चंद यादव हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर करने की बात कही।
सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।
Anant Singh on Dular Chand Murder Case: जनता दल (यूनाइटेड) जेडी(यू) से निकाले गए बाहुबली विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। यह निर्देश उनकी जमानत रद्द करने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया है।
मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह, जो दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में आरोपी हैं, उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। मृतक के पोते नीरज कुमार ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि इस हत्या के मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी कर ली जाए।
मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने कहा, "मुझे पूरा यकीन था कि अगर नीतीश कुमार पहले की तरह अपने पद पर बने रहते, तो ऐसा कुछ नहीं होता। जो कुछ भी हुआ है, वह उनके बीमार पड़ने के बाद ही हुआ है। पार्टी ने उन्हें हटा दिया है। अब पार्टी खुद तय करे कि वह कैसे काम करना चाहती है। पार्टी के लिए कहीं भी जीतना मुश्किल हो जाएगा।"
दुलार चंद यादव हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 दिसंबर तक सरेंडर करने के निर्देश पर, पार्टी से निकाले गए JDU विधायक अनंत सिंह बोले, "मैं कोर्ट के सामने सरेंडर कर दूंगा। मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं, और कोर्ट जो भी फैसला लेगा, वह हमें मंजूर होगा। कोर्ट मुझे फिर से जमानत दे देगा। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मुझे पहले भी भरोसा था और आज भी है।"
अनंत सिंह ने नीरज कुमार को दोषी ठहराते हुए कहा, "नीरज कुमार ने मुझे दुलार चंद हत्याकांड में फंसाया था, जबकि यह घटना हमसे तीन किलोमीटर दूर हुई थी। बाद में, जब मेरी जमानत की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी, तो नीरज इस मामले को दिल्ली ले गए। मुझे कुछ महीनों बाद इस बारे में पता चला। जब मुझे इस रिपोर्ट का पता चला, तो मैंने चुनावों के दौरान खुलकर उनका विरोध किया। इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं थी, इन सबके पीछे सिर्फ नीरज कुमार थे।"
गौरतलब है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान, 30 अक्टूबर को पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बसावनचक गांव में जन सुराज पार्टी के एक उम्मीदवार के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी।
खबरों के अनुसार, मोकामा से तत्कालीन जेडी(यू) उम्मीदवार अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इसी झड़प के दौरान दुलारचंद यादव की जान चली गई।
आरोप है कि धर्मवीर सिंह और करमवीर सिंह ने दुलारचंद यादव को जबरन उनकी गाड़ी से बाहर निकाला। पीड़ित के परिवार ने आरोपियों और उनके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जानबूझकर दुलारचंद यादव को गाड़ी से कुचल दिया और उन पर गोली भी चलाई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मौत का कारण गोली लगना नहीं, बल्कि कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेलियर था। शरीर पर मौजूद चोटें किसी भारी वाहन की टक्कर से लगी चोटों जैसी थीं। इस मामले के सिलसिले में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
शुरुआत में MP-MLA कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बाद में, 19 मार्च को पटना हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी और 23 मार्च को वे जेल से रिहा हो गए। जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह ने विधानसभा चुनाव लड़ा और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को हराया। राज्यसभा चुनाव के दौरान, उन्हें जेल से विधानसभा लाया गया, जहां उन्होंने अपना वोट डाला।