E-Rickshaw Safety (Source. Social media) 
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मोबाइल से बीच सड़क पर बंद हो सकती है आपकी E-Rickshaw, वायरल ट्रिक पड़ सकती है भारी, जानिए कैसे करें बचाव

E-Rickshaw Hack: इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने ई-रिक्शा चालकों परेशान कर के रख दिया है। सामने आई वीडियो में साफ तौर पर देख रहा है कि किसी तरह की परेशानी लोगों को आ रही है।

सिमरन सिंह

E-Rickshaw Safety: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने ई-रिक्शा चालकों परेशान कर के रख दिया है। बता दें कि सामने आई वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक सामान्य मोबाइल ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को कुछ ही सेकंड में रोका जा सकता है। यह सुनने में तो मजेदार लगता है लेकिन इसके पीछे मौजूद तकनीक वास्तव में सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर खामी को दिखाती है।

ऐप से कैसे रुक जाती है ई-रिक्शा?

इस तकनीक के बारे में बताए तो अधिकांश आधुनिक लिथियम-आयन बैटरी वाली ई-रिक्शा में Battery Management System (BMS) लगा होता है। यह सिस्टम बैटरी की सेहत, तापमान और बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करता है। कई स्मार्ट BMS में Bluetooth की सुविधा भी होती है ताकि मालिक या मैकेनिक मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की स्थिति को देख सकें।

लेकिन इस सेवा को लेकर समस्या तब पैदा होने लगी जब पता चला कि इस Bluetooth कनेक्शन पर कोई मजबूत सुरक्षा या पासवर्ड नहीं लगाया गई है। ऐसे में आसपास मौजूद कोई भी व्यक्ति यदि उसके फोन में BMS को सपोर्ट करने वाला डायग्नोस्टिक ऐप हो तो सीमित दूरी के भीतर बैटरी सिस्टम से कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है।

सिर्फ शरारत नहीं बन सकता है बड़ा हादसा

ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति BMS की सेटिंग्स तक पहुंच बना ले और बैटरी का डिस्चार्ज आउटपुट बंद कर दे तो ई-रिक्शा अचानक रुक सकती है। जो कि व्यस्त सड़क पर यात्रियों और ड्राइवर दोनों के लिए खतरनाक बन सकती है और कई मामलो में इससे सड़क दुर्घटना, ट्रैफिक जाम और गंभीर चोट लगने का खतरा भी होता है। इतना ही नहीं किसी दूसरे वाहन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में बिना अनुमति दखल देना कानूनी रूप से भी गलत माना जा सकता है और ऐसी हरकत पर पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है।

ई-रिक्शा मालिक ऐसे रखें अपने वाहन को सुरक्षित

अगर आपके पास भी ई-रिक्शा है और उसमें Bluetooth आधारित स्मार्ट BMS लगा है तो कुछ आसान कदम अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले BMS का डिफॉल्ट पासवर्ड बदलकर मजबूत और निजी पासवर्ड सेट करना है। यदि संभव हो तो अपने मोबाइल को BMS से पेयर रखकर चलें क्योंकि कई सिस्टम एक समय में केवल एक डिवाइस से ही कनेक्ट हो पाते है। इसके अलावा कुछ बैटरी सिस्टम में Bluetooth ब्रॉडकास्ट को बंद करने का विकल्प भी दिया जाता है। यदि सेटिंग्स बदलने में परेशानी हो रही है तो अपने नजदीकी बैटरी सर्विस सेंटर या अधिकृत डीलर से संपर्क करना बेहतर रहेगा।

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