नए Toll Plaza में क्या कुछ है खास। Source. Gemini
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टोल प्लाजा पर अब नहीं रुकेंगी गाड़ियां, अक्टूबर से शुरू होगा नया सिस्टम, 3 बड़े टोल पर हटेंगे बैरियर

NHAI Toll Plaza: सरकार अब भारत में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए टोल सिस्टम में लगातार कई बदलाव कर रही हैं।

सिमरन सिंह

Toll Plaza New System 2026: सरकार अब भारत में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए टोल सिस्टम में लगातार कई बदलाव कर रही हैं। बता दें कि टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और बार-बार रुकने की परेशानी को खत्म करने की दिशा में अब बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अक्टूबर 2026 से तमिलनाडु के तीन प्रमुख टोल प्लाजा पर बूम बैरियर हटाने की तैयारी कर रहा है। जिसके बाद नई व्यवस्था लागू होने पर वाहन बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकेंगे।

इन 3 टोल प्लाजा पर सबसे पहले हटेंगे बैरियर

जानकारी में सामने आ रहा है कि NHAI ने इस नई व्यवस्था के पायलट प्रोजेक्ट के लिए तमिलनाडु के तीन व्यस्त टोल प्लाजा को चुने हैं। जिसमें चेन्नई-त्रिची नेशनल हाईवे का परानूर टोल प्लाजा, चेन्नई-बेंगलुरु नेशनल हाईवे के नेमिली और चेन्नसमुद्रम टोल प्लाजा शामिल किया गया हैं। बता दें कि इन रास्तों से हर दिन करीब 75,000 से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यहां वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। ऐसे में बैरियर हटने के बाद वाहनों की आवाजाही ज्यादा सुचारू होने की उम्मीद कि जा रही है।

कैमरा और सेंसर खुद काटेंगे टोल

बैरियर-फ्री टोल सिस्टम को लेकर बताए तो इसके लिए टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले सड़क के ऊपर एक गेंट्री लगाई जा रही है। इस पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और RFID रीडर लगाए गए हैं। ऐसे में जब कोई वाहन गेंट्री से होकर गुजरेगा तो कैमरा उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करेगा और RFID सिस्टम विंडशील्ड पर लगे FASTag को पढ़ेगा। इसके बाद टोल की रकम FASTag खाते से अपने आप काटने की व्यवस्था को रखा जाएगा। जिसका सीधा मतलब है कि वाहन चालक को टोल देने के लिए गाड़ी रोकने या गति काफी कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

समय और ईंधन दोनों की होगी बचत

इस सिस्टम के आने से सबसे बड़ा फायदा वाहन चालकों को मिलने वाला है। जिसमें टोल बूथ पर रुकने और दोबारा गाड़ी तेज करने की जरूरत कम होने से समय के साथ ईंधन की भी बचत भी होगी। साथ ही टोल प्लाजा पर वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाला प्रदूषण भी घट सकता है। लेकिन बिना बैरियर के टोल वसूली में निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होगी। इसी वजह से वाहनों की पहचान और भुगतान की जांच के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।

FASTag में बैलेंस नहीं तो आएगा ई-चालान

इस नई व्यवस्था में टोल चोरी रोकने के लिए वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को संबंधित ट्रांसपोर्ट डेटाबेस से जोड़े जाने की बात कही गई है। बिना FASTag या पर्याप्त बैलेंस के टोल पार करने पर वाहन की पहचान की जाएगी। वहीं फर्जी नंबर प्लेट या टोल चोरी की कोशिश पकड़े जाने पर वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई और ई-चालान भेजा जा सकता है। ऐसे में अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में ऐसे बैरियर-फ्री टोल सिस्टम को देश के अन्य व्यस्त हाईवे और एक्सप्रेसवे पर भी लागू किया जाएगा। इससे भारत में टोल भुगतान का अनुभव पूरी तरह बदलने की उम्मीद लगाई जा रही है।

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