

Navabharat Exclusive on Samruddhi Expressway ITMS System: समृद्धि महामार्ग पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और अपराध की घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने महामार्ग की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) प्रकाश जाधव ने बताया कि महामार्ग पर संदिग्ध और अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नजर रखने के लिए प्रत्येक 10 किलोमीटर पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) कार्यान्वित किया जाना जरूरी है।
छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव ने नवभारत को बताया कि समृद्धि महामार्ग पर किसी अपराध के बाद संदिग्ध वाहन की पहचान और उसके आवागमन का पता लगाना जांच की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है। सभी टोल नाकों पर फास्टैग की शत-प्रतिशत व्यवस्था लागू करने पर पुलिस प्रशासन ने जोर दिया है।
ऐसे में टोल नाकों पर फास्टैग आधारित व्यवस्था पूरी तरह लागू होने से वाहन के महामार्ग पर प्रवेश और निकासी का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा। इससे पुलिस को किसी वाहन की आवाजाही की कड़ी जोड़ने और अपराध की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
समृद्धि महामार्ग पर कुछ वाहनों द्वारा बनावटी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी जांच के दौरान सामने आई है। ऐसे मामलों में केवल वाहन का नंबर दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। वाहन किस समय टोल नाके से गुजरा, किस दिशा में गया और आगे किन टोल नाकों से निकला, इसकी जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण होती है।
एसपी प्रकाश जाधव ने बताया कि फास्टैग व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक वाहन की आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है। इससे बनावटी नंबर प्लेट वाले वाहनों की आवाजाही का पता लगाने में पुलिस को काफी मदद मिलेगी। अपराध के बाद संदिग्ध वाहन किस दिशा में गया, इसकी जानकारी हासिल करने में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।
पुलिस प्रशासन ने टोल नाकों पर नकद भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी गंभीरता दिखाई है। प्रकाश जाधव ने बताया कि जहां तक संभव हो, टोल नाकों पर नकद भुगतान बंद कर केवल फास्टैग के माध्यम से टोल वसूली की जानी चाहिए। नकद भुगतान की स्थिति में वाहन की डिजिटल ट्रैकिंग कमजोर हो जाती है। ऐसे में अपराध की जांच के दौरान वाहन की पहचान और उसकी आवाजाही का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।
हालांकि, किसी अपरिहार्य परिस्थिति में यदि नकद टोल स्वीकार करना पड़े तो संबंधित वाहन चालक की पूरी जानकारी दर्ज करने, वाहन का फोटो लेने और आवश्यक अभिलेख तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी जाधव के मुताबिक, नकद टोल देने वाले वाहन की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखना भविष्य में किसी आपराधिक घटना की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
समृद्धि महामार्ग पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक 10 किलोमीटर के अंतराल पर आईटीएमएस स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई है। इस प्रणाली के माध्यम से महामार्ग पर चलने वाले वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखना, यातायात की स्थिति की निगरानी करना और संदिग्ध वाहनों की पहचान करना आसान होगा।
छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण के एसपी प्रकाश जाधव ने जानकारी दी कि महामार्ग के बड़े हिस्से में आईटीएमएस की व्यवस्था पहले ही स्थापित की जा चुकी है। शेष स्थानों पर भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि तकनीक आधारित निगरानी बढ़ने से पुलिस को अपराध की रोकथाम और जांच, दोनों में मदद मिलेगी।
समृद्धि महामार्ग की सुरक्षा व्यवस्था में केवल तकनीकी निगरानी ही नहीं, बल्कि भौतिक सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। महामार्ग के कुछ हिस्सों में सुरक्षा दीवारें टूटी हुई या हटाई गई स्थिति में पाई गई हैं। इन स्थानों से मवेशियों के महामार्ग पर पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इससे गंभीर सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
एसपी प्रकाश जाधव ने बताया कि ऐसी टूटी हुई सुरक्षा दीवारों की तत्काल मरम्मत करने और अनधिकृत प्रवेश के रास्ते बंद करने के निर्देश संबंधित प्रशासन को दिए गए हैं। इसके अलावा आवश्यकता वाले स्थानों पर स्पष्ट दिशासूचक और चेतावनी संबंधी संकेतक लगाने पर भी जोर दिया गया है।
समृद्धि महामार्ग पर किसी दुर्घटना, वाहन खराब होने या अन्य आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता मिलना आवश्यक है। इसके लिए 112 आपातकालीन सेवा को महामार्ग पर प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी पुलिस प्रशासन ने जोर दिया है।
पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव ने कहा कि महामार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रखा जा सकता। दुर्घटनाओं की रोकथाम, आपातकालीन सहायता और यात्रियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से तकनीकी निगरानी, फास्टैग व्यवस्था, सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और आपातकालीन सहायता प्रणाली को मजबूत करने के सुझाव दिए गए हैं।
आपातकालीन स्थिति में 112 सेवा की प्रभावी उपलब्धता यात्रियों को समय पर पुलिस सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रकाश जाधव ने स्पष्ट किया कि समृद्धि महामार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। पुलिस प्रशासन की ओर से महामार्ग प्रबंधन से इन उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की मांग की गई है।