What To Do If Your Vehicle Breaks Down On The Expressway: एक्सप्रेसवे पर सफर आरामदायक और तेज जरूर होता है लेकिन यही तेज रफ्तार कई बार छोटी-सी गलती को बड़े हादसे में बदल सकती है। ऐसे में अगर चलते-चलते अचानक आपकी कार खराब हो जाए, टायर पंचर हो जाए या कोई तकनीकी समस्या आ जाए तो घबराने के बजाय सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है। बता दें कि खासकर ऐसी स्थिति में वाहन को कहां रोकना है और यात्रियों को कहां खड़ा होना चाहिए इसकी जानकारी जान बचा सकती है।
इसी भी वाहन में खराबी आते ही सबसे पहले कोशिश करें कि उसे मुख्य ट्रैफिक लेन से हटाकर निर्धारित Emergency Stopping Area या किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए। जिससे तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे पर मुख्य लेन में अचानक रुकी कार पीछे से आ रहे वाहनों के लिए गंभीर खतरा बन ना सकें। अगर वाहन किसी भी हालत में आगे नहीं बढ़ पा रहा है तो उसे वहीं छोड़कर ट्रैफिक के बीच खड़े होने से बचें और जल्द से जल्द सहायता मांगें।
इस स्थिति में गाड़ी रुकने के बाद Hazard Lights जरूर चालू कर दें। इससे पीछे से आने वाले ड्राइवरों को वाहन के खराब होने का संकेत मिल सकता है। वहीं रात, बारिश, कोहरे या कम विजिबिलिटी में यह सावधानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। जहां संभव हो वाहन को सुरक्षित जगह पर खड़ा करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करें। वहीं एक्सप्रेसवे पर सड़क के बीच खड़े होकर छोटी-सी मरम्मत करने की कोशिश भी जोखिम बढ़ा सकती है।
वहीं गाड़ी रुकने के बाद यात्रियों को ट्रैफिक की तरफ जाने से बचना चाहिए। सड़क पर उतरकर सामान निकालना या वाहन की जांच करना खतरनाक हो सकता है। अगर परिस्थितियां असुरक्षित लग रही हों तो यात्रियों को ट्रैफिक से दूर सुरक्षित दिशा में रहने की कोशिश करनी चाहिए। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें एक्सप्रेसवे की चलती लेन के पास बिल्कुल न जाने दें।
National Highways Authority of India (NHAI) के राजमार्ग यात्रा प्लेटफॉर्म ने बताया है कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर आपात स्थिति में 1033 हेल्पलाइन उपलब्ध है। वाहन खराब होने या किसी अन्य परेशानी की स्थिति में इस नंबर पर सहायता मांगी जा सकती है। इसके साथ ही कॉल करते समय सटीक लोकेशन, एक्सप्रेसवे का नाम, यात्रा की दिशा और नजदीकी टोल प्लाजा या इंटरचेंज की जानकारी दें। मोबाइल में लोकेशन शेयर करने की सुविधा हो तो उसे साझा करना भी मदद को तेजी से पहुंचाने में उपयोगी हो सकता है। इसमें आपको याद रखना चाहिए कि एक्सप्रेसवे पर वाहन खराब होना अपने आप में सबसे बड़ा खतरा नहीं है गलत जगह रुकना और ट्रैफिक के बीच खड़े रहना असली जोखिम है।