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Tesla जून में ऑस्टिन में शुरू करेगा रोबोटैक्सी ट्रायल, एलन मस्क ने की पुष्टि

टेस्ला बहुप्रतीक्षित रोबोटैक्सी पायलट प्रोग्राम की शुरुआत करने जा रही है। कंपनी के सीईओ एलन मस्क ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में पुष्टि की कि यह ट्रायल जून के अंत तक ऑस्टिन में शुरू होगा।

सिमरन सिंह

टेस्ला अब अपने बहुप्रतीक्षित रोबोटैक्सी पायलट प्रोग्राम की शुरुआत करने जा रही है। कंपनी के सीईओ एलन मस्क ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में पुष्टि की कि यह ट्रायल जून के अंत तक ऑस्टिन में शुरू होगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब टेस्ला को दुनियाभर में बिक्री में गिरावट और नियामकीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

शुरुआत में सिर्फ 10 कारें, धीरे-धीरे बढ़ेगा दायरा

सीएनबीसी से बातचीत में मस्क ने बताया कि शुरुआती फेज में ऑस्टिन के कम जोखिम वाले इलाकों में लगभग 10 सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियां तैनात की जाएंगी। आने वाले महीनों में यह संख्या बढ़ाकर 1000 तक करने की योजना है। “हम शुरुआत केवल ऑस्टिन के सबसे सुरक्षित हिस्सों में कर रहे हैं,” मस्क ने कहा।

राजनीतिक दूरी और नई रणनीति की ओर बढ़ता टेस्ला

टेस्ला इस समय न केवल बढ़ती प्रतिस्पर्धा बल्कि मस्क की राजनीतिक गतिविधियों के चलते भी आलोचनाओं का सामना कर रही है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ाव ने कंपनी की छवि पर असर डाला है। हालांकि मस्क ने कहा, “व्हाइट हाउस में मेरी योजना सिर्फ कुछ दिनों के लिए मौजूद रहने की है, जब भी मैं मददगार हो सकूं।”

‘ऑटोनॉमी और ऑप्टिमस ही भविष्य हैं’

कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार की बजाय अब टेस्ला का पूरा फोकस रोबोटैक्सी और ऑप्टिमस ह्यूमेनॉइड रोबोट पर है। मस्क ने दो टूक कहा: “लंबे समय में सिर्फ दो चीजें मायने रखेंगी—ऑटोनॉमी और ऑप्टिमस।”

सेफ्टी और रेगुलेशन बड़ी चुनौती

जहां एक ओर टेस्ला ने इस तकनीक में बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं, वहीं दूसरी ओर कड़े रेगुलेशन्स और ऊंची लागत के कारण कई कंपनियां इस दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। अल्फाबेट की Waymo जैसी दिग्गज कंपनियां भी सवालों के घेरे में हैं।

टेस्ला की FSD जांच के घेरे में

NHTSA (नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन) टेस्ला की फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) तकनीक की जांच कर रही है, खासतौर पर खराब मौसम और कम विजिबिलिटी की स्थितियों में।

AI सेक्टर में भी आक्रामक विस्तार

मस्क की AI कंपनी xAI टेनेसी के मेम्फिस शहर में दुनिया का सबसे बड़ा सुपरकंप्यूटर क्लस्टर बना रही है, जिसका नाम ‘कोलोसस’ होगा। इसमें Nvidia के एक मिलियन Blackwell चिप्स का उपयोग होगा। “जब तक Nvidia हमसे बेहतर है, हम उनसे खरीदते रहेंगे,” मस्क ने बताया।

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