क्या है Smart car का era जो होगा खास। (सौ. AI) 
ऑटोमोबाइल

Smart Cars का नया युग: अब कार खुद तय करेगी रूट, म्यूज़िक और स्पीड

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री सिर्फ रफ्तार की नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस की दुनिया में प्रवेश कर चुकी है। स्मार्ट कार्स का युग है जहां ड्राइवर की भूमिका सीमित हो रही है और वाहन खुद-ब-खुद फैसले ले रहे हैं। जानें कैसे?

सिमरन सिंह

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अब सिर्फ रफ्तार की नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस की दुनिया में प्रवेश कर चुकी है। स्मार्ट कार्स का युग तेजी से विकसित हो रहा है, जहां ड्राइवर की भूमिका सीमित हो रही है और वाहन खुद-ब-खुद फैसले ले रहे हैं। नई जनरेशन की कारें अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की मदद से न सिर्फ आपकी आदतें पहचानती हैं, बल्कि आपके मूड और जरूरत के मुताबिक रूट, म्यूज़िक और ड्राइविंग स्पीड भी तय करती हैं।

कैसे काम करती हैं ये स्मार्ट टेक्नोलॉजी?

इन कारों में लगे एडवांस सेंसर, कैमरा और AI एल्गोरिद्म मिलकर यूज़र बिहेवियर का एनालिसिस करते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि आप हर सोमवार ऑफिस के लिए एक ही रूट लेते हैं, तो कार अपने-आप उस रूट को पहचानकर सुझाव दे देती है। इतना ही नहीं, यदि आप हर शाम रिलैक्सिंग म्यूज़िक सुनते हैं तो आपकी कार उस समय अपने आप आपकी पसंदीदा प्लेलिस्ट चालू कर देगी।

आपकी कार तय करेगी रफ्तार भी

इन स्मार्ट व्हीकल्स में अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल और स्पीड लिमिट रिकग्निशन जैसे फीचर्स होते हैं, जो ट्रैफिक, रोड कंडीशन और मौसम के अनुसार स्पीड कंट्रोल करते हैं। इसका लाभ यह है कि ड्राइवर को मैन्युअल रूप से स्पीड कम-ज़्यादा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

भारत में कब आएंगी ऐसी कारें?

टेस्ला, मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियां पहले ही दुनिया के कई हिस्सों में AI आधारित कारें पेश कर चुकी हैं। भारत में भी टाटा, महिंद्रा और MG जैसी कंपनियां स्मार्ट टेक्नोलॉजी वाले मॉडल पर काम कर रही हैं। उम्मीद है कि 2025 तक भारतीय सड़कों पर भी यह टेक्नोलॉजी आम हो जाएगी। "भविष्य की गाड़ियां सिर्फ स्टाइलिश नहीं, समझदार भी होंगी।" – ऑटो एक्सपर्ट्स

Cyclone Murasu पड़ा कमजोर, आंध्र-तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में छाएगी धुंध

करोड़ों की संपत्ति छोड़ देशसेवा में लगाया जीवन, जानिए महात्मा गांधी के 5वें पुत्र जमनालाल बजाज की कहानी

गुवाहाटी फायरिंग मामले में एनकाउंटर के बाद आरोपी ढेर! सब-इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्तौल छीनने की हुई थी कोशिश

Shakuntala Devi: बिना कैलकुलेटर पलक झपकते करती थीं बड़ी गणनाएं, जानिए कैसे बनीं मानव कंप्यूटर

भारत-पाक सीमा के पास बड़ी साजिश नाकाम, श्रीगंगानगर में ट्रेन को उड़ाने की थी कोशिश, जांच में जुटी पुलिस