Japan Flying Bike: जापान की Osaka Public University के छात्रों ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने तकनीकी दुनिया को हैरान कर दिया है। विश्वविद्यालय की Sakai Windmill Association, जो एक छात्र संगठन है, ने "Tsurugi" नामक उड़ने वाली साइकिल विकसित की है। जापानी भाषा में "Tsurugi" का अर्थ तलवार होता है। यह साइकिल पूरी तरह से मानव-शक्ति से संचालित होती है और इसकी पहली सफल उड़ान Nanki Shirahama Airport के पुराने रनवे पर पूरी की गई जो मानव-निर्मित उड़ान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पल साबित हुआ।
"Tsurugi" को खास तौर पर मानव-शक्ति और एयरोडायनामिक्स के मेल से डिजाइन किया गया है। इसमें विशाल पंख और पीछे की ओर एक बड़ा फैन लगाया गया है, जो साइकिल के पैडल से जुड़ा होता है। जब सवार पैडल चलाता है, तो यह फैन घूमता है और आगे की ओर थ्रस्ट पैदा करता है। हालांकि यह साइकिल पैडल-चालित है, लेकिन इसका संचालन किसी साधारण हवाई जहाज की तरह किया जाता है यानी इसे उड़ान भरने के लिए एक लंबे और सीधे रनवे की जरूरत होती है। फैन की मदद से यह वाहन ऊंचाई पकड़ता है और संतुलन बनाए रखता है, जो इंजीनियरिंग और इनोवेशन का शानदार उदाहरण है।
फरवरी 2024 में, Team Marksmen Network नामक यूट्यूब चैनल पर इसकी पहली उड़ान का वीडियो शेयर किया गया। इस वीडियो में Fusha Sakai और उनकी टीम की मेहनत को दुनियाभर के दर्शकों ने सराहा। एक यूजर ने लिखा "Outstanding invention!" जबकि कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा "सोचिए, अगर हवा में पैडल चलाते-चलाते सांस फूल जाए तो?" इन प्रतिक्रियाओं ने इस प्रोजेक्ट को और भी लोकप्रिय बना दिया है।
"Tsurugi" पहला उड़ने वाला साइकिल प्रोजेक्ट नहीं है। 1783 में Joseph-Michel और Jacques-Étienne Montgolfier ने पहला हॉट-एयर बैलून उड़ाया था, जिसने आगे के प्रयोगों की राह खोली। बाद में, 17 अप्रैल 1889 को Professor Carl Edgar Myers ने अमेरिका में "Sky-Cycle" नामक उड़ने वाली साइकिल का सफल परीक्षण किया। आज जापान फिर से इस क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। उदाहरण के लिए, जापानी स्टार्टअप SkyDrive ने दुनिया की पहली फ्लाइंग कार बनाई है। 7 मार्च 2024 को Suzuki Motors ने SkyDrive के साथ मिलकर फ्लाइंग कारों के बड़े पैमाने पर उत्पादन की घोषणा भी की।
"Tsurugi" सिर्फ एक उड़ने वाली साइकिल नहीं, बल्कि यह मानव-शक्ति, विज्ञान और नवाचार का संगम है। Osaka Public University के छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि अगर जुनून और तकनीक एक साथ आएं, तो आसमान भी सीमा नहीं रह जाता।