Rules For Out-Of-State Cars: अगर आपकी कार किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है और आप उसे लेकर किसी मेट्रो सिटी या दूसरे राज्य में जाते हैं तो सिर्फ अलग राज्य का नंबर होने से तुरंत NOC यानी No Objection Certificate लेना जरूरी नहीं होता। बता दें कि सामान्य स्थिति में दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड वाहन को सीमित अवधि तक उसी नंबर के साथ चलाया जा सकता है। लेकिन लंबे समय तक दूसरे राज्य में रहने पर नियम बदल सकते हैं और दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत पड़ सकती है।
अगर आप नौकरी, पढ़ाई या किसी दूसरे काम से कुछ महीनों के लिए दूसरे राज्य में गए हैं तो आम तौर पर अपनी कार को पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन 12 महीने की अवधि पूरी होने के बाद स्थानीय राज्य में वाहन के दोबारा रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियम लागू हो सकते हैं। जिसका सीधा मतलब है कि कुछ समय के लिए दूसरे शहर में रहना और स्थायी रूप से वहां शिफ्ट होना दोनों स्थितियां एक जैसी नहीं हैं। अगर आप लंबे समय के लिए दूसरे राज्य में बस गए हैं और कार भी वहीं लगातार इस्तेमाल हो रही है तो स्थानीय परिवहन नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर कराना पड़ सकता है।
NOC के बारे में बताए तो मौजूदा रजिस्ट्रेशन वाले राज्य के परिवहन विभाग से जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। वहीं दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर या दोबारा रजिस्टर कराने की प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अगर कार को दूसरे राज्य में लंबे समय तक रखना है तो NOC समेत जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया के बारे में संबंधित RTO से जानकारी लेना जरूरी है। इसके बाद नए राज्य के नियमों के अनुसार वाहन का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
इसके साथ ही अगर आपने दूसरे राज्य से पुरानी कार खरीदी है और उसे अपने राज्य में लंबे समय तक चलाना चाहते हैं तो केवल पुराने राज्य का नंबर बनाए रखना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में वाहन के ट्रांसफर और नए राज्य में रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों का पालन करना पड़ सकता है। इसके साथ ही रोड टैक्स और अन्य वाहन शुल्क को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में अलग-अलग राज्यों में टैक्स और शुल्क के नियम अलग हो सकते हैं।
बताया जाता है कि अगर दूसरे राज्य में रहते हुए 12 महीने पूरे होने वाले हैं तो समय रहते संबंधित RTO से संपर्क करें। RC, वैध इंश्योरेंस, ड्राइविंग लाइसेंस और PUC जैसे जरूरी दस्तावेज भी साथ रखें। वहीं ध्यान रखें कि वाहन नियम राज्य के हिसाब से अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी खास राज्य में कार लंबे समय तक रखने से पहले वहां के मौजूदा परिवहन नियमों की पुष्टि करना बेहतर है।