

Nagpur Textile Policy Guidelines: नागपुर टेक्सटाइल उद्योग को गति देने और नीतिगत सुधारों को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से वस्त्र आयुक्त ने महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए है। वस्त्र विभाग की आयुक्त वृंदा देसाई ने स्पष्ट किया कि वत्र मंत्रालय की किसी भी योजना का लाभ लेने और काम करने के लिए सीसीआईटी नंबर और पोर्टल पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। इसके बिना कोई भी उद्योग सरकारी योजनाओं के लाभसे वंचित रह जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की मांग पर हैंडकैम पर नोटिफिकेशन को 30 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकार अब इस पर उद्योगपतियों से सीधा फीडबैक चाहती है कि इससे कितना व्यावहारिक लाभ हुआ है। इसके साथ ही सीएसटीएटी पोर्टल पर वार्षिक सर्वे रिपोर्ट और रिटर्न फाइल करना सभी पावरलूम, स्पिनिंग, वीविंग और प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। आयुक्त वृंदा देसाई ने कहा कि नई टेक्सटाइल नीति पर मंत्रालयी परामर्श पूरा हो चुका है।
सितंबर के अंत तक यह कैबिनेट की मंजूरी के लिए जाएगा और अक्टूबर में नई गाइडलाइंस जारी कर दी जाएंगी। इसमें जीरो डिस्चार्ज प्लांट और सीईटीपी के लिए सरकार सब्सिडी देगी, जबकि कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स के लिए उद्योगपतियों को पीपीपी मॉडल पर आगे आना होगा। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के वस्त्र आयुक्त कार्यालय के तत्वावधान में टेक्सटाइल स्टैटिस्टिकल रिटर्न सिस्टम (टीएसआरएस) पोर्टल पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सिविल लाइंस स्थित एकीकृत वस्त्र एवं परिधान विकास केंद्र नागपुर में किया गया।
इस दौरान वस्त्र आयुक्त वृंदा देसाई ने बुनकरों से संवाद साधते हुए मार्गदर्शन किया। उन्होंने टीएसआरएस पोर्टल को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बताते हुए इसके महत्व एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रमुख रूप से टेक्सटाइल विभाग के निदेशक अश्विनी कुमार पांडे, एकीकृत वस्त्र एवं परिधान विकास केंद्र नागपुर के प्रभारी अधिकारी विकास गुप्ता उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि नए टीएसआरएस पोर्टल में वस्त्र इकाइयों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण तथा वार्षिक एवं मासिक सांख्यिकीय रिटर्न की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है तथा नियमित, सटीक एवं समयबद्ध डेटा प्रस्तुत करना वस्त्र क्षेत्र के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध कराने, प्रभावी नीति निर्माण तथा बेहतर योजना बनाने के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान वृंदा देसाई ने वस्त्र उद्योग के विभिन्न व्यवसायी एवं बुनकर एसोसिएशन प्रतिनिधियों के साथ टीएसआरएस के कार्यान्वयन पर विस्तृत चर्चा की और पोर्टल के उपयोग के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, पोर्टल में सुधार की आवश्यकताओं तथा अन्य औद्योगिक चुनौतियों से अवगत कराया, साथ ही उन्होंने ने बुनकरों को समस्याओं को लेकर रखे गए सुझावों द्वारा निवारण का आश्वासन भी दिया।