Indian Motorcycle History: भारत के प्रीमियम बाइक मार्केट में एक बड़ा कदम उठाते हुए Indian Motorcycle ने हाल ही में अपनी नई स्काउट सीरीज़ लॉन्च की है। यह एक बॉबर-स्टाइल मिडिलवेट क्रूज़र बाइक है, जिसका सीधा मुकाबला हार्ले-डेविडसन और ट्रायम्फ जैसी दिग्गज कंपनियों से है। कंपनी पहले से ही भारत में अपने मॉडल बेच रही है, लेकिन स्काउट सीरीज़ अब तक की सबसे किफायती बाइक के तौर पर पेश की गई है। दिलचस्प बात यह है कि नाम से भारतीय लगने वाला यह ब्रांड दरअसल एक अमेरिकी कंपनी है।
"Indian Motorcycle" एक अमेरिकी प्रीमियम बाइक निर्माता कंपनी है। साल 2011 में पोलारिस इंडस्ट्रीज ने इस ब्रांड को खरीदा और नई जनरेशन की इंडियन मोटरसाइकिल्स का उत्पादन शुरू किया। रेसिंग की परंपरा, इंजीनियरिंग में लगातार इनोवेशन और मोटरसाइकिल उद्योग में कई उपलब्धियों की वजह से यह ब्रांड अमेरिका के सबसे पुराने और भरोसेमंद नामों में शुमार है।
इंडियन मोटरसाइकिल की नींव 1897 में जॉर्ज एम. हेंडी ने रखी थी, जिन्होंने शुरुआत में साइकिल बनाने का काम किया। साल 1900 में ऑस्कर हेडस्ट्रॉम उनके साथ जुड़े और दोनों ने मिलकर 1.75 bhp सिंगल-सिलेंडर इंजन वाली मोटरसाइकिल तैयार की। कंपनी ने 1901 से 1953 तक अमेरिका के मैसाचुसेट्स में मोटरसाइकिलों का उत्पादन किया। हालांकि, मांग में गिरावट के चलते उत्पादन बंद करना पड़ा। इसके बाद 2011 में पोलारिस ने इस ब्रांड को पुनर्जीवित किया और इसे फिर से बाजार में उतारा।
भारत में इस ब्रांड की शुरुआत 2014 में पोलारिस इंडिया के जरिए हुई। यहां कंपनी की पूरी रेंज उपलब्ध है, जो पूरी तरह से तैयार होकर आयात की जाती है। इंडियन मोटरसाइकिल के भारतीय पोर्टफोलियो में चीफ सीरीज़, स्प्रिंगफील्ड, रोडमास्टर और स्काउट सीरीज़ जैसी लोकप्रिय बाइक्स शामिल हैं।
कंपनी के नाम को लेकर अक्सर यह गलतफहमी होती है कि इसका भारत से कोई सीधा संबंध है। दरअसल, ‘Indian Motorcycle’ का नाम जॉर्ज एम. हेंडी के पुराने साइकिल ब्रांड अमेरिकन इंडियन से लिया गया था, जिसे उन्होंने 1898 में विदेशी बाजारों में पहचान बनाने के लिए शुरू किया था। इस ब्रांड का लोगो एक नेटिव अमेरिकन (रेड इंडियन) की छवि पर आधारित है, जिसे अमेरिका के मूल निवासियों को सम्मान देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया।