Honda Electric Bike With Clutch Technology: देश में बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है। अभी तक देखा जा रहा था कि कंपनियां इलेक्ट्रिक बाइक्स में लंबी रेंज और तेज स्पीड देने की होड़ में लगी है लेकिन अब मामला सिर्फ परफॉर्मेंस तक सीमित नहीं रहा क्योंकि कंपनियां राइडर्स को वही पुराना पेट्रोल बाइक वाला मजा देने के लेकर काम कर रही है। जिस दिशा में Honda ने एक नई टेक्नोलॉजी का पेटेंट कराया है जिसने ऑटो इंडस्ट्री में खलबली मच गई है।
वही रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कंपनी अपनी आने वाली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल में नकली क्लच यानी Pseudo Clutch और नकली इंजन वाइब्रेशन सिस्टम देने जा रही है। जिसका मकसद EV को भी पारंपरिक बाइक जैसा फील देना है।
वैसे तो देखा गया है कि इलेक्ट्रिक बाइक्स में गियर और क्लच की जरूरत नहीं होती क्योंकि इलेक्ट्रिक मोटर सीधे पावर डिलीवर करता है। जिससे बाइक स्मूद तरीके से चलती है। लेकिन हाल के समय में देखा गया है कि कई बाइक लवर्स को इसमें पेट्रोल बाइक जैसा रोमांच ऐसे में अने ग्राहकों की इसी कमी को पूरा करने के लिए Honda अब अपनी नई इलेक्ट्रिक बाइक में आर्टिफिशियल क्लच टेक्नोलॉजी ला रही है। बता दें कि कंपनी ने यह पेटेंट अपनी Honda CR Electric Proto बाइक के लिए फाइल किया है। जिसमें इसका प्रोटोटाइप मॉडल अभी के लिए लाया गया है। जिसे Honda Racing Corporation और Mugen के साथ मिलकर तैयार कर रहा है।
जानकारी में बताया जा रहा है कि Honda की इस टेक्नोलॉजी में क्लच लीवर तो होगा लेकिन वह मैकेनिकल तरीके से इंजन से जुड़ा नहीं रहेगा। बाइक तब भी पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर काम करने वाली है। वहीं बताया जा रहा है कि अगर राइडर क्लच को आधा दबाएगा तो मोटर की पावर भी कम हो जाएगी और पूरा दबाने पर पावर कट जाएगी। जिससे साफ है कि इलेक्ट्रिक बाइक में भी राइडर को वही क्लच छोड़कर पिकअप लेने वाला एक्सपीरियंस मिलेगा जो आम पेट्रोल बाइक में देखने को मिलता है।
Honda ने अपने नए मॉडल को सिर्फ क्लच तक सीमित नहीं रखा है। कंपनी ने अपनी बाइक को हाप्टिक फीडबैक सिस्टम से भी जोड़ा है। इसके तहत हैंडलबार और क्लच लीवर में छोटे मोटर्स लगाए जाएंगे जो बाइक चलाते समय इंजन जैसी वाइब्रेशन पैदा करेंगे। जो साफ तौर पर EV को फ्यूचरिस्टिक नहीं बल्कि इमोशनल एक्सपीरियंस से जोड़ेगा।
जानकारी के लिए बता दें कि यह टेक्नोलॉजी पूरी तरह से नई नहीं है। इस तरह का काम Kymco अपनी SuperNEX और RevoNEX बाइक्स में भी कर चुका है। इसके अलावा Zero Motorcycles ने भी हाई-परफॉर्मेंस EV बाइक के लिए ऐसा पेटेंट कराया था। लेकिन Honda के इस कदम को इसलिए बड़ा माना जा रहा है क्योंकि कंपनी पहले से ही ग्लोबल मार्केट में मजबूती से बना हुआ है।