Car Flooded with Rainwater: मानसून में तेज बारिश के बाद सड़कों और पार्किंग एरिया में पानी भरना आम बात है। ऐसे में कई बार कार के अंदर भी पानी पहुंच जाता है। इस स्थिति को देखकर ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और तुरंत कार स्टार्ट करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यही जल्दबाजी इंजन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आपकी कार भी पानी में फंस गई है तो सबसे जरूरी है कि घबराने के बजाय सही कदम उठाया जाए।
बता दें कि कार के अंदर पानी जाने के बाद इग्निशन ऑन करके या पुश-बटन दबाकर इंजन स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल न करें। अगर इंजन में पानी पहुंच चुका है तो स्टार्ट करने पर यह सिलेंडर और पिस्टन तक जा सकता है। इससे इंजन लॉक होने और गंभीर मैकेनिकल डैमेज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में कार को चलाने के बजाय टो-ट्रक की मदद से सुरक्षित और सूखी जगह ले जाना बेहतर है। बैटरी या इलेक्ट्रिकल सिस्टम से छेड़छाड़ करने के बजाय इसे प्रशिक्षित मैकेनिक से ही डिस्कनेक्ट करवाएं क्योंकि आधुनिक कारों में कई संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम जुड़े होते हैं।
वहीं बाढ़ या बारिश का पानी कार के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के लिए खास तौर पर खतरनाक होता है। फर्श के नीचे की वायरिंग, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट में पानी पहुंचने पर शॉर्ट सर्किट या जंग की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इंफोटेनमेंट सिस्टम, पावर विंडो मोटर, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, एयरबैग मॉड्यूल और अल्टरनेटर भी प्रभावित हो सकते हैं। पानी जितनी देर कार में रहेगा नुकसान का जोखिम उतना बढ़ सकता है।
देखा गया है कि कार के फर्श का कारपेट और सीटों का फोम पानी सोख लेते हैं। इन्हें जल्द नहीं सुखाया गया तो कुछ ही दिनों में बदबू, फंगस और नमी की समस्या शुरू हो सकती है। लंबे समय तक नमी रहने पर मेटल पार्ट्स में जंग भी लग सकती है। वहीं ब्रेक पैड, डिस्क/रोटर, सस्पेंशन के कुछ हिस्से और एग्जॉस्ट सिस्टम भी पानी के संपर्क से प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए पानी से निकली कार को बिना जांच के तुरंत सड़क पर चलाना सही नहीं है।
कार को सुरक्षित जगह पहुंचाने के बाद सबसे पहले इंश्योरेंस कंपनी को सूचना दें और नुकसान का सर्वे करवाएं। इसके बाद कार को अधिकृत सर्विस सेंटर पर टो कराकर ले जाना बेहतर है। विशेषज्ञ जरूरत के मुताबिक इंजन, ऑयल, फ्लूइड, वायरिंग और इंटीरियर की जांच करेंगे।
अगर आपकी पॉलिसी में Engine Protect Add-on शामिल है तो पानी से इंजन को हुए कुछ नुकसान के लिए कवरेज मिल सकता है। हालांकि, कवरेज पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है। सही समय पर कार स्टार्ट न करना और प्रोफेशनल जांच करवाना आपकी कार और जेब दोनों को बड़े नुकसान से बचा सकता है।