Petrol Pump पर सरकार का एक्शन। Source. Social Media
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E20 Petrol पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2,500 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लगी रोक, जानें आपकी के लिए क्यों है जरूरी

Petrol Pump Inspection: पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशभर में बड़ा क्वालिटी-कंट्रोल अभियान शुरू कर दिया है।

सिमरन सिंह

Petrol Quality Check: भारत में E20 पेट्रोल को लेकर पहले से ही लोगों के बीच बहस और असमंजस बना हुआ है। वहीं इसी बीच पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशभर में बड़ा क्वालिटी-कंट्रोल अभियान शुरू कर दिया है। बता दें कि इस जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले 2,500 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की बिक्री रोक दी गई है। वहीं कार्रवाई का मकसद ईंधन में पानी, नमी और क्लोराइड जैसी अशुद्धियों की समस्या पर लगाम लगाना है।

2,500 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर बिक्री बंद

बता दें कि इस राष्ट्रव्यापी जांच में देश की तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स भी शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों में बताया गया है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के करीब 1,257 पेट्रोल पंपों पर बिक्री रोकी गई है। इसके अलावा हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के करीब 915 और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के 401 रिटेल आउटलेट्स पर भी कार्रवाई की गई है। जिसको लेकर अधिकारियों और तेल कंपनियों की सख्ती से साफ है कि ईंधन की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पेट्रोल में पानी और क्लोराइड से क्यों बढ़ी परेशानी?

इस मामलें को तब गंभीरता से देखा गया जब वाहन निर्माताओं और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की ओर से फ्यूल सिस्टम में खराबी की शिकायतें सामने आने लगीं। जिसके बाद जांच में कुछ जगहों पर पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की मात्रा तय सीमा से अधिक पाए जाने की बात सामने आई। वहीं मानसून के दौरान जमीन के नीचे मौजूद पेट्रोल स्टोरेज टैंकों में पानी के रिसने की समस्या भी चिंता का कारण बनी। पेट्रोल में पानी और अन्य अशुद्धियां पहुंचने पर फ्यूल इंजेक्टर, फ्यूल पंप और इंजन के कुछ हिस्सों पर असर पड़ सकता है। इससे वाहन मालिकों को महंगे रिपेयर का सामना करना पड़ सकता है।

अब दिन में कई बार होगी टैंक की जांच

सरकार ने समस्या रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा दी है। करीब 89,000 पेट्रोल पंपों पर अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंकों में पानी पहुंचने की जांच दिन में कई बार करने की व्यवस्था की गई है। वहीं 85,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। इन सिस्टम का उद्देश्य टैंक में नमी या किसी दूसरी गड़बड़ी का जल्द पता लगाना है। अशुद्धि मिलने पर ईंधन की सप्लाई को रोका जा सकता है ताकि खराब पेट्रोल वाहनों तक न पहुंचे।

वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए?

ईंधन की गुणवत्ता को लेकर ऑटो कंपनियों की चिंताओं के बीच सरकार की यह कार्रवाई वाहन मालिकों के लिए राहत वाली खबर हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो फ्यूल इंजेक्टर या इंजन से जुड़ी अचानक समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

अगर कार या बाइक में अचानक झटके आने लगें, इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो या माइलेज में असामान्य गिरावट दिखे तो समस्या को नजरअंदाज न करें। हमेशा भरोसेमंद और अधिकृत पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाना बेहतर है।

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