धारणी में खरीफ बुआई से पहले डीजल की भारी किल्लत, पेट्रोल पंपों पर 1 किमी लंबी कतारें, किसान परेशान

Amravati Fuel Crisis: धारणी तहसील में खरीफ बुआई से पहले डीजल की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और ईंधन की कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है।
A severe diesel shortage in Dharni tehsil ahead of Kharif sowing has left farmers worried. Long queues are seen at fuel stations amid allegations of black marketing.
डीजल की भारी किल्लत (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Diesel Scarcity Dharni: खरीफ सीजन की बुआई से पहले ही धारणी तहसील में डीजल की भारी किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर डीजल लेने के लिए ट्रैक्टर, मालवाहक वाहन, कृषि उपयोगी वाहन और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई स्थानों पर वाहनों की लाइन लगभग एक किलोमीटर तक पहुंच गई है। इससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कृषि कार्यों की गति प्रभावित हो रही है।

कृषि कार्यों पर पड़ रहा असर

मौसम विभाग द्वारा अगले सप्ताह से अच्छी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके चलते किसान खेतों की जुताई, बखरनी, समतलीकरण तथा बुआई पूर्व तैयारियों में जुटे हुए हैं। इन सभी कार्यों के लिए ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों का उपयोग आवश्यक है, जिनका संचालन डीजल पर निर्भर है। लेकिन डीजल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से किसान समय पर कृषि कार्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि पूरा दिन पेट्रोल पंपों पर लाइन में बिताने के बाद भी उन्हें जरूरत के अनुसार डीजल नहीं मिल रहा है।

बुआई प्रभावित होने की आशंका

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खरीफ फसलों की बुआई के लिए शुरुआती बारिश का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि इसी अवधि में खेतों की तैयारी पूरी नहीं हो पाती तो बुआई में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो बुआई की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं और इसका असर पूरे कृषि सीजन पर देखने को मिल सकता है।

कालाबाजारी की चर्चाओं ने बढ़ाई चिंता

डीजल संकट के बीच क्षेत्र में ईंधन की कालाबाजारी होने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार बैरागढ़, सुसर्दा तथा आसपास के कुछ ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से डीजल और पेट्रोल बेचे जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। किसानों का आरोप है कि जहां अधिकृत पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी बनी हुई है, वहीं कुछ स्थानों पर ऊंचे दामों पर ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जांच और आपूर्ति सुधार की मांग

किसान संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि डीजल आपूर्ति में आ रही बाधाओं के कारणों का पता लगाया जाए तथा यदि कहीं कालाबाजारी हो रही है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही धारणी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं ताकि किसानों को राहत मिल सके।

  • डीजल संकट की अवधि : लगभग 7 दिन
  • कतारों की लंबाई : करीब 1 किलोमीटर तक
  • सबसे अधिक प्रभावित : किसान और ट्रैक्टर संचालक
  • प्रभावित कार्य : जुताई, बखरनी, खेत तैयारी और बुआई
  • कालाबाजारी की चर्चा वाले क्षेत्र : बैरागढ़, सुसर्दा एवं आसपास के गांव
  • किसानों की प्रमुख मांग : डीजल आपूर्ति बहाल हो और जांच कर कार्रवाई की जाए।
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