Bajaj Chetak में क्या है खास। (सौ. Bajaj) 
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Bajaj Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर में लगी आग, कंपनी ने शुरू की जांच

Electric Vehicle Safety: सड़क किनारे खड़ी Bajaj Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर अचानक आग की लपटों में घिर गई। जिसके बाद से ही Electric Vehicle को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सिमरन सिंह

Bajaj Chetak Electric Scooter Fire: पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी इलाके में हाल ही में एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क किनारे खड़ी Bajaj Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर अचानक आग की लपटों में घिर गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। हादसे के बाद Bajaj Auto ने कहा कि कंपनी आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

हादसे में स्कूटर को हुआ नुकसान

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, चूंकि चेतक की बॉडी मेटल से बनी होती है, इसलिए आग से केवल उसकी वायरिंग और हार्नेस प्रभावित हुए। घटना के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड ने मौके पर पानी का टैंकर भेजकर आग पर काबू पा लिया। जानकारी के अनुसार, यह स्कूटर एक साल पुराना था और अब तक लगभग 10,000 किलोमीटर चल चुका था।

पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

यह पहली बार नहीं है जब चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर आग की चपेट में आया हो। पिछले साल दिसंबर में छत्रपति संभाजीनगर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। हालांकि उस समय कंपनी ने सफाई देते हुए कहा था कि "असल में आग नहीं लगी थी बल्कि एक प्लास्टिक पार्ट से सिर्फ धुआं निकला था।" गौरतलब है कि इस घटना से कुछ दिन पहले ही कंपनी के CEO राजीव बजाज ने अपने प्रतिद्वंद्वी ओला इलेक्ट्रिक पर तंज कसते हुए कहा था, "Ola तो Ola है, चेतक शोला है।"

ईवी सेफ्टी को लेकर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर EV Safety को लेकर सवाल खड़े करती है। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं बहुत अधिक नहीं होतीं, लेकिन जब होती हैं तो उनका असर गंभीर होता है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को कुछ बुनियादी सावधानियां बरतना जरूरी है।

इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों के लिए 5 जरूरी टिप्स

  • बैटरी को ओवरचार्जिंग से बचाएं: रोजाना बैटरी को 100% चार्ज न करें। 20% से 80% तक चार्ज करना सुरक्षित है।
  • बार-बार चार्जिंग न करें: लगातार फुल चार्जिंग बैटरी को गर्म करती है और उसकी हेल्थ खराब करती है।
  • फास्ट चार्जिंग तभी करें जब जरूरी हो: घर पर स्लो चार्जिंग को प्राथमिकता दें, इससे बैटरी की उम्र बढ़ती है।
  • हमेशा जेन्युइन चार्जर का इस्तेमाल करें: नकली चार्जर बैटरी और वाहन दोनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
  • छांव में चार्ज करें: सीधे धूप में चार्जिंग से बैटरी का तापमान बढ़ता है और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।

ध्यान दें

कोल्हापुर की यह घटना बताती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता के साथ-साथ सुरक्षा मानकों पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। कंपनियों को जहां लगातार टेक्नोलॉजी सुधारने की आवश्यकता है, वहीं उपभोक्ताओं को भी चार्जिंग और बैटरी के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए।

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