EV Charging Station (Source. Freepik) 
ऑटोमोबाइल

अब सस्ती पड़ेगी Electric Car, बैट्री किराये पर मिलने से बिक्री में बड़ा उछाल, वाहन चालकों को राहत

Battery As A Service: इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसका कारण बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम भी है। वहीं अब इस बदलाव को और तेज करने को लेकर पहल शुरु हो गई है।

सिमरन सिंह

Battery As A Service EV Battery Rental: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसका कारण बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम भी है। वहीं अब इस बदलाव को और तेज करने को लेकर पहल शुरु हो गई है, बता दें कि Battery as a Service (BaaS) यानी बैट्री किराये पर देने की सुविधा को भी लाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में सालाना आधार पर 75 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री भी 60.73 प्रतिशत तक की विधि हुई। वहीं जानकारों का मानना है कि बैट्री किराये पर मिलने और चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ने से EV मार्केट को बड़ा फायदा मिल रहा है।

Battery as a Service से कैसे सस्ती हो रही EV?

बता दें कि Tata Motors, Maruti Suzuki समेत कई कंपनियां अब Battery as a Service मॉडल पर काम कर रही हैं। इस सुविधा में कंपनी ग्राहक को कार खरीदते समय बैट्री की पूरी कीमत नहीं लेगी। जानकारी के लिए बता दें कि असल में इलेक्ट्रिक कार की कुल कीमत में बैट्री की हिस्सेदारी करीब 35 से 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में बैट्री हटने से कार की शुरुआती कीमत कम हो जाती है। ऐसे में बाद में ग्राहक अपने इस्तेमाल के हिसाब से कंपनियों को किराया दे सकते है। जिसमें देखा जा रहा है कि कुछ कंपनियां 3 रुपये प्रति किलोमीटर तो कुछ 3.5 से 6 रुपये प्रति किलोमीटर तक चार्ज कर रही है।

चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से भी मिल रहा फायदा

पहले के समय में EV खरीदने में सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग स्टेशन को लेकर हुआ करती थी लेकिन अब देशभर में तेजी से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ रहा है। जिस कारण से लोग इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटरों को ज्यादा भरोसेमंद खरीद के तौर पर देख रहे है। वहीं कई दोपहिया कंपनियां पहले से ही बैट्री स्वैपिंग और किराये वाली बैट्री सुविधा शुरु कर चुकी है। जिससे लंबी दूरी तय करना आसान हो गया है।

बिक्री के आंकड़े भी दे रहे बड़ा संकेत

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 6 प्रतिशत तक पहुंची थी। वहीं पिछले साल इसी महीने यह 3.7 प्रतिशत देखी गई। ऐसे में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ रही है। भारी उद्योग मंत्रालय के मुताबिक माल ढोने वाले तिपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक मॉडल की हिस्सेदारी अब 33 प्रतिशत तक आ चुकी है।

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