Highway पर गाड़ी चलाने की होती है तो स्पीड। Source. Pixabay
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हाईवे पर धीरे गाड़ी चलाना भी पड़ सकता है भारी, कट सकता है चालान, जानें क्या है नियम

Slow Driving Fine: हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग करना तो मना होता ही है लेकिन हाईवे पर कम स्पीड में भी गाड़ी चलाने पर जुर्माना देना पड़ सकता है। जिसकी कीमत सभी के लिए अलग होती है।

सिमरन सिंह

Highway Traffic Rules: हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने से समय तो बचता ही है साथ ही लंबी दूरी की ड्राइविंग भी आसान हो जाती है। लेकिन हाईवे पर गाड़ी चलाते समय सिर्फ ओवरस्पीडिंग से ही नहीं जरूरत से ज्यादा धीमी रफ्तार से चलने पर भी परेशानी हो सकती है। बताया जाता है कि कई हाईवे और एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम के साथ न्यूनतम स्पीड से जुड़े नियम भी लागू होते हैं। ऐसे में बिना वजह बहुत धीमी गाड़ी चलाना दूसरे वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

हाईवे पर न्यूनतम स्पीड का भी है नियम

कई एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए न्यूनतम गति सीमा निर्धारित की जाती है। कुछ जगहों पर यह सीमा 60 या 80 किमी/घंटे तक हो सकती है। लेकिन यह नियम सड़क, वाहन और संबंधित अथॉरिटी के निर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में अगर कोई चालक बिना किसी वैध कारण के तय न्यूनतम गति से काफी कम रफ्तार में गाड़ी चलाता है तो इसे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। हाईवे पर लगे कैमरों और ट्रैफिक निगरानी व्यवस्था के जरिए ऐसे मामलों पर नजर रखी जाती है।

पीछे से आ रही गाड़ियों के लिए बन सकता है खतरा

हाईवे पर ज्यादातर वाहन अपेक्षाकृत तेज गति से चलते हैं। ऐसे में अचानक कोई कार बहुत धीमी रफ्तार से सामने आ जाए तो पीछे चल रहे ड्राइवर को प्रतिक्रिया देने के लिए कम समय मिलता है। इससे रियर-एंड टक्कर का खतरा बढ़ सकता है। वहीं रात, बारिश या कोहरे जैसी कम विजिबिलिटी वाली परिस्थितियों में यह जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए हाईवे पर निर्धारित स्पीड लिमिट के भीतर और ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार संतुलित गति रखना जरूरी है।

गलत लेन में धीमी ड्राइविंग से बढ़ सकती है परेशानी

हाईवे पर लेन का सही इस्तेमाल भी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। अगर कोई वाहन फास्ट या ओवरटेकिंग लेन में बहुत धीमी गति से चलता है तो पीछे वाहनों की कतार लग सकती है। इससे दूसरे चालक जल्दबाजी में गलत तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश कर सकते हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। वहीं धीमी गति से चलना जरूरी हो तो वाहन को उपयुक्त लेन में रखना बेहतर है।

कितना हो सकता है जुर्माना?

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन, लेन अनुशासन तोड़ने या सड़क पर अनावश्यक बाधा पैदा करने पर संबंधित प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। दिए गए नियमों के अनुसार यह रकम 500 से 1,000 रुपये तक हो सकती है जबकि गंभीर दुर्घटना की स्थिति में रैश या डेंजरस ड्राइविंग से जुड़े सख्त प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। अगर वाहन में तकनीकी खराबी आ जाए तो उसे जहां संभव हो सुरक्षित स्थान पर ले जाकर खड़ा करें। हाईवे पर सबसे जरूरी है कि न तो ओवरस्पीडिंग करें और न ही बिना वजह बेहद धीमी रफ्तार में गलत लेन में चलें।

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