नाबालिग चालकों की बेकाबू रफ्तार का कहर, सिंदेवाही में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बन रहा हादसों का सबब

Sindewahi Road Accidents: सिंदेवाही में तेज रफ्तार और नाबालिग चालकों के कारण हादसों का खतरा बढ़ रहा है। नागरिकों ने स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक सिग्नल और यातायात नियमों के सख्त पालन की मांग की है।
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सिंदेवाही तेज रफ्तार(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Sindewahi Traffic Problem: सिंदेवाही शहर की मुख्य सड़कों और प्रमुख चौराहों पर इन दिनों वाहनों की रफ्तार पर कोई अंकुश नज़र नहीं आ रहा है। अनियंत्रित और बेकाबू रफ्तार के कारण शहर में दुर्घटनाओं का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसमें बड़ी संख्या में नाबालिग स्कूली छात्र शामिल हैं, जो यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों पर तेज गति से दोपहिया वाहन दौड़ा रहे हैं।

​मुख्य सड़कों पर डिवाइडर से टकरा रहे अनियंत्रित ट्रक

तेज रफ्तार का कहर केवल छोटे वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्य मार्गों से गुजरने वाले भारी ट्रक भी गति पर नियंत्रण खोने के कारण सीधे सड़क के डिवाइडर से टकरा रहे हैं। बार-बार हो रहे इन गंभीर हादसों से सार्वजनिक संपत्ति का भारी नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की जान पर भी हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।

​पुलिस की चालानी कार्रवाई का खौफ खत्म!

कुछ ही दिनों पहले स्थानीय पुलिस प्रशासन ने अभियान चलाकर नाबालिग और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों का चालान काटा था। साथ ही उनके अभिभावकों को भी सख्त चेतावनी दी गई थी। हालांकि, कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी की वैसी हो गई। ऐसे में स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि क्या वाहन चालकों के मन से पुलिस प्रशासन का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? शहर के मुख्य चौराहों पर रोज छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। कई बार चोटिल होने के बावजूद लोग पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बजाय आपस में ही मामला सुलझा लेते हैं।

स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग

पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज न होने के कारण कागजों पर स्थिति भले सामान्य दिखे, लेकिन धरातल पर लोगों की जान हर पल जोखिम में बनी रहती है। गाड़ियों की बेकाबू रफ्तार रोकने के लिए नागरिकों ने कई बार स्कूल-कॉलेजों के पास, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और व्यस्त चौराहों पर 'गतिरोधक' (स्पीड ब्रेकर) बनाने की मांग की है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इस मांग को लगातार अनसुना किया जा रहा है। ​शहर के विस्तार और लगातार बढ़ती गाड़ियों की संख्या को देखते हुए अब केवल स्पीड ब्रेकर ही नहीं, बल्कि मुख्य चौराहों पर 'ट्रैफिक सिग्नल' लगाना बेहद जरूरी हो चुका है।

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​प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील

अभिभावकों द्वारा नाबालिग बच्चों के हाथों में वाहन सौंपने की आदत और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति पर तुरंत अंकुश लगाने की आवश्यकता है। किसी बड़े जानलेवा हादसे का इंतजार किए बिना लोक निर्माण विभाग और पुलिस प्रशासन को मिलकर तुरंत गतिरोधक, डिवाइडर के पास चेतावनी संकेत और ट्रैफिक सिग्नल लगाने के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ऐसी पुरजोर मांग सिंदेवाही के निवासियों द्वारा की जा रही है।

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