CNG Car के लिए इन बातों का रखें ध्यान। (सौ. Pixabay) 
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CNG Cars Safety Alert: ये 5 गलतियां बन सकती हैं कार में आग लगने की बड़ी वजह

CNG Cars Safety: CNG कारें शानदार माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट के कारण तेजी से लोकप्रिय हुई हैं। हालांकि, पेट्रोल या डीज़ल कारों की तुलना में CNG किट लगी गाड़ियों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।

सिमरन सिंह

CNG Cylinder Testing: भारत में CNG (Compressed Natural Gas) कारें शानदार माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट के कारण तेजी से लोकप्रिय हुई हैं। हालांकि, पेट्रोल या डीज़ल कारों की तुलना में CNG किट लगी गाड़ियों को अतिरिक्त सतर्कता और नियमित देखभाल की जरूरत होती है। ज़रा-सी लापरवाही न सिर्फ आपकी कार को नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि आग जैसी गंभीर दुर्घटना का कारण भी बन सकती है। जानिए वे 5 बड़ी गलतियां, जिनसे CNG कार मालिकों को बचना चाहिए।

1. गैर-मानकीकृत CNG किट लगवाना

कई लोग पैसे बचाने के चक्कर में पेट्रोल कार में लोकल या अनधिकृत CNG किट लगवा लेते हैं।

  • खतरा: घटिया पुर्ज़े, ढीली वायरिंग और गलत इंस्टॉलेशन से गैस लीकेज, शॉर्ट सर्किट और घर्षण के कारण आग लग सकती है।
  • सही तरीका: हमेशा कंपनी-फिटेड CNG कार खरीदें या फिर सरकारी तौर पर अधिकृत वर्कशॉप से ही स्टैंडर्ड और अप्रूव्ड किट लगवाएं।

2. वायरिंग और गैस लीकेज को नजरअंदाज करना

पुरानी वायरिंग, रबर पाइप में दरार या नीचे की गैस लाइन में हल्का नुकसान अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।

  • खतरा: CNG गैस हवा से हल्की होती है और तेजी से फैलती है। केबिन या बोनट में गैस जमा होने पर छोटी-सी चिंगारी भी आग भड़का सकती है।
  • सही तरीका: CNG की गंध आते ही कार को खुली जगह में रोकें, इंजन बंद करें और तुरंत विशेषज्ञ से जांच करवाएं। हर 6 महीने में लीकेज और वायरिंग की जांच जरूरी है।

3. सर्विसिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट टालना

कई वाहन मालिक CNG किट की नियमित सर्विस और सिलेंडर टेस्टिंग को टाल देते हैं।

  • खतरा: समय के साथ वाल्व सील, रेगुलेटर और पाइपलाइन कमजोर हो जाती हैं। बिना टेस्टिंग के पुराना सिलेंडर अधिक दबाव में फट सकता है।
  • सही तरीका: हर 10–15 हजार किलोमीटर पर सर्विसिंग और हर 3 साल में सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट करवाकर फिटनेस सर्टिफिकेट लें।

4. ओवरलोडिंग और जरूरत से ज्यादा गैस भरवाना

कभी-कभी लोग क्षमता से ज्यादा दबाव में CNG भरवा लेते हैं या कार को जरूरत से ज्यादा लोड कर लेते हैं।

  • खतरा: 200 बार से ज्यादा प्रेशर सिलेंडर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। ओवरलोडिंग से नीचे की गैस लाइन क्षतिग्रस्त होकर लीकेज कर सकती है।
  • सही तरीका: मानक प्रेशर में ही गैस भरवाएं और कार को तय क्षमता से ज्यादा लोड न करें।

5. तेज धूप में लंबे समय तक पार्किंग

गर्मियों में बंद खिड़कियों के साथ कार को सीधी धूप में खड़ा करना आम गलती है।

  • खतरा: अत्यधिक गर्मी से सिलेंडर के अंदर दबाव बढ़ जाता है। खराब या पुराना सिलेंडर इस स्थिति में जोखिम बढ़ा सकता है।
  • सही तरीका: कार को छायादार या अंडरग्राउंड पार्किंग में खड़ा करें और लंबे समय के लिए खिड़कियां थोड़ी खुली रखें।

CNG कारों की सुरक्षा पूरी तरह नियमित रखरखाव और सतर्कता पर निर्भर करती है। किसी भी असामान्य गंध, आवाज़ या बदलाव को हल्के में न लें, क्योंकि यही छोटी सावधानी बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है।

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