नई दिल्ली : भारत में जल्द ही एक ऐसा मौका आने वाला है, जिसमें आप फ्यूचर कार्स और बाकी मोबिलिटी के ऑप्शन को देख सकते हैं। जनवरी के महीने में ऑटो एक्सपो 2025 यानी भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो शुरू होने जा रहा है। क्या आपने कभी ये सोचा है कि किसी भी देश के लिए ऑटो सेक्टर क्यों इतना ज्यादा जरूरी होता है? तो आपको बता दें कि भारत में 3 करोड़ से भी ज्यादा लोगों का परिवार ऑटो सेक्टर के बदौलत चलता है। साथ ही आपको ये भी जानकारी देते हैं कि भारत का ऑटो सेक्टर देश के जीडीपी और कमाई के चलते दुनिया में भारत की शान भी बढ़ाता है।
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमेटिव इंडस्ट्री है। भारत ने जापान को पछाड़कर इस मुकाम को हासिल किया है और अब आगे भारत का मुकाबला अमेरिका और चीन के साथ होने वाला हैं। हाल ही में देश के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को दुनिया में नं 1 स्थान पर ले जाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने ये भी जानकारी दी है कि भारत ने कुछ ही सालों में सातवें पायदान पर से तीसरे पायदान पर पहुंचने का सफर तय किया है।
यदि भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की बात की जाएं, तो ये अकेला ऐसा सेक्टर है, जो देश की ओवरऑल जीडीपी में 7 प्रतिशत तक का योगदान रहा है। इतना ही नहीं अगर सिर्फ मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की जीडीपी की बात करें, तो ये सेक्टर जीडीपी में 40 प्रतिशत तक योगदान देता है। ऑटो सेक्टर भारत में सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करने वाले सेक्टरों में से एक हैं। इस सेक्टर ने देश के 3 करोड़ लोगों को रोजगार देने के साथ ही जीएसटी कमाई में ये सेक्टर 14 से 15 प्रतिशत का योगदान दे सकता है। जिसका सीधा मतलब है कि अगर सरकार जीएसटी से 100 रुपये कमाती है, तो ऑटोमोबाइल सेक्टर से अकेले 15 रुपये आते हैं। भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर 20 से 22 लाख करोड़ रुपये का है।
भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की वाहवाही कभी नहीं रूकती है। ये दुनिया में भारत की ऊंचाई को एक नए स्तर पर लेकर जाता है। भारत आज दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर और थ्री-व्हीलर्स का निर्माण करता है। टू- व्हीलर की मैन्यूफैक्चरिंग में भी भारत दूसरे स्थान पर हैं। साथ ही जेसीबी जैसे कंस्ट्रक्शन इक्विप्मेंट के मामले में ये सेक्टर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। वहीं यात्री वाहन सेगमेंट में ये दुनिया का चौथा सबसे बड़ा मैन्यूफैक्चरर है।