Pollution Under Control By PUC Certificate: आज के समय को देखे तो ट्रैफिक नियम पहले से ज्यादा सख्त हो चुके हैं। जिसको देखते हुए लोग हेलमेट, सीट बेल्ट और ड्राइविंग लाइसेंस तो संभाल ही रहे है लेकिन एक छोटा सा जरूरी दस्तावेज अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन यह एक छोटी सी लापरवाही बाद में आपको भारी पड़ सकती है। जिस दस्तावेज की हम बात कर रहे है वो है PUC यानी Pollution Under Control Certificate जिसकी कीमत महज 70 से 100 रुपये होती है लेकिन अगर यह एक्सपायर मिला तो ट्रैफिक पुलिस 10,000 रुपये तक का चालान काट सकती है।
PUC सर्टिफिकेट के होने का मतलब होता है कि आपकी गाड़ी तय सीमा से ज्यादा प्रदूषण नहीं फैला रही। इसमें बाइक, स्कूटर, कार, ऑटो या ट्रक हर वाहन के लिए सर्टिफिकेट का होना जरूरी होता है। वहीं सरकार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उस नियम को लेकर काफी सख्त हो गई है। ऐसे में अगर कोई वाहन बिना वैध PUC के सड़क पर पकड़ा जाता है तो पहली बार में ही उसे भारी जुर्माना चुकाना पड़ता है। देखा तो यह भी गया है कि कई मामलों में कानूनी कार्रवाई और जेल तक का प्रावधान होता है। यही वजह है कि अब ट्रैफिक विभाग PUC को लेकर ज्यादा सख्ती से काम कर रही है।
PUC के बारें में जानकारी ना रखने वालों को लगता है कि इसको बनवाना झंझट वाला काम है जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। किसी भी अधिकृत एमिशन टेस्टिंग सेंटर या पेट्रोल पंप पर यह सर्टिफिकेट आसानी से बनाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में गाड़ी की मशीन से जांच की जाती है और करीब 10 से 15 मिनट में सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। वहीं बता दें कि बाइक और स्कूटर का PUC सामान्यतः 70 से 80 रुपये में बन जाता है जबकि कारों के लिए यह खर्च 100 से 150 रुपये तक का होता है।
जानकारी के लिए बता दें कि कई शहरों में ट्रैफिक विभाग डिजिटल निगरानी भी बढ़ा चुका है। अगर किसी वाहन का PUC एक्सपायर हो जाता है तो ऑनलाइन ई-चालान सीधे वाहन मालिक के पास भेजा दिया जाता है। जिसका सीधा मतलब है कि अब सिर्फ सड़क पर चेकिंग से बच जाना काफी नहीं है। सिस्टम खुद एक्सपायर्ड PUC को ट्रैक कर रहा है। ऐसे में समय रहते इसे रिन्यू करवाना बेहद जरूरी है।
ये भी पढ़े: Honda की नई Electric Bike मचा सकती है धूम, अब EV में मिलेगा पेट्रोल बाइक जैसा क्लच और इंजन वाला फील
इसके साथ ही किसी भी स्थिति में अगर आपका चालान कट जाए और आपके पास वैध PUC मौजूद है तो आप ऑनलाइन पोर्टल या कोर्ट में शिकायत दर्ज कर सकते है। लेकिन सलाह यह दी जाती है कि PUC की कॉपी हमेशा संभालकर रखें और उसकी वैलिडिटी खत्म होने से पहले ही उसे रिन्यू कराते रहे। कुछ मिनट और मामूली खर्च में बनने वाला यह छोटा सा सर्टिफिकेट आपको बड़े जुर्माने और कानूनी झंझट से बचा सकता है।