कुंभ राशि वालों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है।
शनि के 3 जून 2027 को मेष राशि में प्रवेश से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।
20 अक्टूबर 2027 को शनि के मीन राशि में लौटने से साढ़ेसाती फिर शुरू होगी।
23 फरवरी 2028 को शनि के दोबारा मेष राशि में जाने पर साढ़ेसाती पूरी तरह समाप्त मानी जाएगी।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कुंभ राशि वालों को फरवरी 2028 से इस साढ़ेसाती से पूरी राहत मिलने की संभावना है।
Kumbh Rashi Astrology : शनि की साढ़ेसाती का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में इसके प्रभाव और समाप्ति को लेकर सवाल आने लगते हैं। खासकर कुंभ राशि के जातक जानना चाहते हैं कि उन्हें इस अवधि से कब राहत मिल सकती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती लगभग साढ़े सात साल तक चलती है और इसके तीन चरण होते हैं।
फिलहाल कुंभ राशि पर इसका अंतिम चरण चल रहा है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, साल 2027 में शनि का राशि परिवर्तन कुंभ राशि वालों के लिए कुछ समय की राहत ला सकता है। आइए जानते हैं कि साढ़ेसाती कब समाप्त होगी और आगे का समय कैसा रहने की संभावना है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती जनवरी 2020 में शुरू हुई थी। इसके तीन चरण होते हैं, जिन्हें उदय, मध्य और अस्त चरण कहा जाता है। फिलहाल कुंभ राशि के जातक इसके तीसरे यानी अंतिम चरण से गुजर रहे हैं। मान्यता के अनुसार, इस समय व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियों, आर्थिक मामलों और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
वैदिक ज्योतिष की गणना के अनुसार, 3 जून 2027 को शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती से अस्थायी राहत मिलने की संभावना रहेगी। हालांकि, यह राहत लंबे समय तक नहीं रहेगी, क्योंकि शनि अक्टूबर 2027 में फिर से मीन राशि में लौट आएंगे।
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2027 को शनि वक्री अवस्था में मीन राशि में वापस आएंगे। इसके बाद 23 फरवरी 2028 को वे दोबारा मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के बाद कुंभ राशि की साढ़ेसाती पूरी तरह समाप्त मानी जाएगी। इस तरह कुंभ राशि वालों को फरवरी 2028 से इस ज्योतिषीय अवधि से पूरी राहत मिलने की संभावना है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, साढ़ेसाती समाप्त होने के बाद कुंभ राशि के जातकों को अपने कामकाज और निजी जीवन में नए अवसर मिल सकते हैं। रुकी हुई योजनाओं पर दोबारा काम करने और आर्थिक फैसलों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने का समय मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक परिणाम व्यक्तिगत कुंडली और ग्रहों की अन्य स्थितियों पर भी निर्भर माने जाते हैं।
कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान धैर्य रखने और अपने काम पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषीय परंपरा में शनिवार को शनि देव की पूजा, जरूरतमंदों की सहायता और सेवा कार्यों को महत्व दिया गया है। भविष्य को लेकर चिंता करने के बजाय अपनी योजनाओं और मेहनत पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।