जेलेंस्की ने दी अमेरिका को चेतावनी! 'पैट्रियट' उत्पादन बढ़ाओ वरना... यूक्रेन ने मांगी मिसाइल बनाने की तकनीक

Zelenskyy Warns US:  जेलेंस्की ने अमेरिका में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों के कम उत्पादन पर चिंता जताई है। उन्होंने पैट्रियट मिसाइल बनाने का लाइसेंस मांगते हुए रूस के खिलाफ कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।
Zelenskyy Warns US! 'Patriot' Production Must Increase—Or Else... Ukraine Requests Missile Manufacturing Technology.
राष्ट्रपति जेलेंस्की फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
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Zelenskyy Warns US Ukraine Patriot Production License: यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए अमेरिका की मिसाइल उत्पादन क्षमता पर सवाल उठाए हैं। जेलेंस्की का मानना है कि यदि समय रहते एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन नहीं बढ़ाया गया, तो इसका खामियाजा न केवल यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया को भुगतना पड़ सकता है।

अमेरिकी उत्पादन क्षमता पर जेलेंस्की की चिंता

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी चिंता साझा करते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि वर्तमान में अमेरिका में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हर महीने केवल 60-65 मिसाइलों का निर्माण मौजूदा चुनौतियों के मुकाबले बहुत कम है। जेलेंस्की के अनुसार, यह कोई गोपनीय जानकारी नहीं है और रूस भी इस कमजोरी से अच्छी तरह वाकिफ है। इस कमी को देखते हुए उन्होंने व्हाइट हाउस और अमेरिकी कांग्रेस को पत्र भेजकर उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया है।

पैट्रियट मिसाइल का लाइसेंस

यूक्रेन ने अपनी सुरक्षा के लिए केवल सहायता पर निर्भर रहने के बजाय अब आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने की इच्छा जताई है। जेलेंस्की ने मौजूदा अमेरिकी प्रशासन से अनुरोध किया है कि यूक्रेन को 'पैट्रियट' मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस दिया जाए। उनका तर्क है कि यदि यूक्रेन को यह तकनीक मिलती है, तो वे स्वयं उत्पादन बढ़ाकर अपनी रक्षा कर सकेंगे। राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे न केवल यूक्रेन की मदद होगी, बल्कि मीडिल ईस्ट और अन्य मित्र देशों को भी लाभ मिलेगा जिन्हें अमेरिका भविष्य में सहायता देना चाहेगा। जब तक यूरोप अपना स्वयं का एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम विकसित नहीं कर लेता, तब तक अमेरिकी समर्थन अनिवार्य बना रहेगा।

जेलेंस्की ने कूटनीतिक प्रयासों पर दिया जोर

एक तरफ जहां यूक्रेन संसाधनों की कमी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ रूस ने अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता में काफी सुधार किया है। जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि रूस अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन लगातार बढ़ा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि दिसंबर 2025 के बाद से रूस ने युद्ध के मैदान में अपनी शुरुआती बढ़त खोनी शुरू कर दी है। युद्ध को समाप्त करने के लिए जेलेंस्की ने कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अगली सर्दियों के आने से पहले एक ठोस कूटनीतिक रास्ता निकाला जाना चाहिए। जेलेंस्की का मानना है कि शांति वार्ता की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राष्ट्रपति पुतिन पर उनके अपने समाज का कितना दबाव है और अमेरिका तथा यूरोप द्वारा लगाए गए प्रतिबंध कितने प्रभावी साबित होते हैं।

कौन होगा शांति वार्ता का चेहरा?

संभावित शांति वार्ताओं के लिए जेलेंस्की ने 'E3' प्रारूप का सुझाव दिया है, जिसमें यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि यह सबसे अच्छा प्रारूप है या नहीं, यह कहना मुश्किल है लेकिन ये देश वार्ताकार की भूमिका बखूबी निभा सकते हैं।

इसके अलावा, उन्होंने नॉर्डिक साझेदारों और तुर्की की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। विशेष रूप से तुर्की की मध्यस्थता से युद्धबंदियों को वापस लाने में यूक्रेन को पहले भी सफलता मिली है।

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