क्या है इंटरपोल का सिल्वर नोटिस, जिसे पहली बार किया गया जारी; जानिए कैसे करेगा काम
इंटरपोल ने पहली बार सिल्वर नोटिस जारी किया है, जो सीमा पार धनशोधन के मामलों का पता लगाने में सहायक होगा। इसमें भारत भी शामिल है। इसके तहत, अब भारत उन अपराधियों का पता लगाएगा जो अवैध कमाई दूसरे देशों में छुपाए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
इंटरपोल फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
नवभारत डेस्क: इंटरपोल ने पहली बार सिल्वर नोटिस जारी किया है, जो अब सीमा पार धनशोधन (money laundering) के मामलों का पता लगाने में मदद करेगा। यह नोटिस एक पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें भारत भी शामिल है। इंटरपोल समय-समय पर विभिन्न रंगों के नोटिस जारी करता है, जो वैश्विक सुरक्षा और अपराधों के मामले में मदद करते हैं। शुक्रवार को इंटरपोल ने इस नई पहल की जानकारी दी।
इस पहल की वजह से भारत अब उन अपराधियों का पता लगा सकेगा, जिन्होंने अपनी काली कमाई दूसरे देशों में भेज दी है। लगभग 52 देशों के साथ मिलकर काम करने वाली यह एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो इस प्रोजेक्ट पर नवंबर 2025 तक काम करेगी। जिससे भारत को अपराधियों की संपत्तियों का पता चल सकेगा और उन पर कार्रवाई की जा सकेगी।
INTERPOL has published its first-ever Silver Notice to help trace and recover criminal assets, combat transnational organized crime and enhance international police cooperation. ➡️🔗https://t.co/E8Ax3P4VZE pic.twitter.com/61aOE0jH68 — INTERPOL (@INTERPOL_HQ) January 10, 2025
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क्या है यह सिल्वर नोटिस
इंटरपोल ने अपने नोटिस सिस्टम में सिल्वर नोटिस को शामिल कर लिया है। अब इंटरपोल के पास कुल 9 रंगों के नोटिस हो गए हैं, जिनका उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। रेड नोटिस का उपयोग भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए होता है। वहीं, सिल्वर नोटिस का उद्देश्य उन अपराधियों की अवैध संपत्तियों का पता लगाना है, जिन्होंने अपना काला धन टैक्स हैवन या दूसरे देशों में छुपाया है।
टैक्स हैवन ऐसे देशों को कहा जाता है, जहां विदेशी नागरिकों को टैक्स में छूट दी जाती है, ताकि वे अपना पैसा वहां जमा कर सकें। इंटरपोल का यह कदम दुनियाभर में आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए उठाया गया है।
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आपको बता दें कि इंटरपोल की सिल्वर नोटिस और डिफ्यूज़न नोटिस, अपराध से जुड़ी संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाने और साझा करने का जरिया हैं। इन नोटिसों की मदद से सदस्य देश अपराधों से जुड़ी संपत्तियों, जैसे – गाड़ियां, बैंक खाते, संपत्ती और उनके बिजनेस की जानकारी का पता लगाया जा सकता है। इस पहल का मकसद अपराधों की जड़ तक पहुंचकर संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों को ट्रैक करना है।
जानिए इंटरपोल के अन्य नोटिसों के बारे में
| नोटिस का नाम | उद्देश्य |
|---|---|
| रेड नोटिस | किसी भगोड़े अपराधी को पकड़ने के लिए। |
| येलो नोटिस | लापता व्यक्तियों या जिनकी पहचान नहीं हो पा रही हो, उन्हें खोजने के लिए। |
| ब्लू नोटिस | एक व्यक्ति के बारे में अतिरिक्त जानकारी हासिल करने के लिए। |
| ब्लैक नोटिस | बिना पहचान वाले शवों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए। |
| ग्रीन नोटिस | किसी व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों के बारे में चेतावनी देने के लिए। |
| ऑरेंज नोटिस | किसी गंभीर और तत्काल खतरे के बारे में चेतावनी देने के लिए। |
| पर्पल नोटिस | अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों या उपकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए। |
| यूएनएससी विशेष नोटिस | यूएनएससी की प्रतिबंध समितियों द्वारा लक्षित व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए। |
इंटरपोल के महासचिव का बयान
इंटरपोल के महासचिव वाल्डेसी उर्कीजा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अपराध और अपराधियों के खिलाफ लड़ाई में उनके अवैध वित्तीय नेटवर्क को खत्म करना सबसे कारगर तरीका है। उन्होंने बताया कि अभी तक आपराधिक संपत्तियों का केवल 1% ही बरामद किया जा सका है, जबकि 99% संपत्तियां अब भी गायब हैं।
एफएटीएफ चीफ की चेतावनी के बाद नया प्रोजेक्ट शुरू
एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) के प्रमुख एलिसा डी आंदा मद्राज़ो ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि दुनिया के अधिकांश देशों के लिए आपराधिक संपत्तियों को जब्त करना मुश्किल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि 80% देश प्रभावी तरीके से इन संपत्तियों को जब्त नहीं कर पा रहे हैं। यह नया प्रोजेक्ट उसी चेतावनी के एक दिन बाद शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य अपराधी संपत्तियों की जब्ती को अधिक प्रभावी और सफल बनाना है।
