किम जोंग उन से मिले चीन के विदेश मंत्री वांग यी; शी जिनपिंग का ये खास संदेश लेकर पहुंचे उत्तर कोरिया

Wang Yi Meets Kim Jong Un: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने किम जोंग उन से प्योंगयांग में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने अपने ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
Chinese Foreign Minister Wang Yi Meets Kim Jong Un; Arrives in North Korea Bearing a Special Message from Xi Jinping
वांग यी और किम जोंग उन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Wang Yi Meets Kim Jong Un Pyongyang: चीन और उत्तर कोरिया के बीच रणनीतिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्योंगयांग में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव और उत्तर कोरिया (DPRK) के स्टेट अफेयर्स के प्रेसिडेंट किम जोंग उन से मुलाकात की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई बल्कि चीन ने उत्तर कोरिया के 'समाजवादी निर्माण' के प्रति अपना पूर्ण समर्थन भी दोहराया।

शी जिनपिंग का दिया संदेश

मुलाकात के दौरान वांग यी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से किम जोंग उन को उत्तर कोरियाई संसद (15वीं सुप्रीम पीपल्स असेंबली) और वर्कर्स पार्टी की 9वीं कांग्रेस के सफल आयोजन पर विशेष बधाई दी। वांग यी ने किम जोंग उन के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि उत्तर कोरिया की जनता मिलकर देश में समाजवादी निर्माण को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

ऐतिहासिक मुलाकातों का असर

बैठक में पिछले वर्ष सितंबर में किम जोंग उन की चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई ऐतिहासिक मुलाकात को याद किया गया। वांग यी के अनुसार, उस बैठक ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई रणनीतिक दिशा दी है। किम जोंग उन ने भी खुशी जाहिर की कि उस दौरान बनी सहमतियां अब व्यावहारिक रूप से लागू हो रही हैं जिससे दोनों देशों के संबंध जनता की इच्छा के अनुरूप एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं।

रणनीतिक संवाद और भविष्य के लक्ष्य

उत्तर कोरिया ने स्पष्ट किया है कि वह वर्कर्स पार्टी की 9वीं कांग्रेस में निर्धारित बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करना चाहता है। भविष्य की कार्ययोजना के तहत दोनों देश निम्नलिखित कदम उठाएंगे:

  • उच्च स्तरीय आदान-प्रदान और रणनीतिक संवाद को बढ़ाना।
  • एक-दूसरे के समाजवादी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पारस्परिक समर्थन गहरा करना।
  • क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए मिलकर योगदान देना।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। चीन और उत्तर कोरिया की यह बढ़ती नजदीकी इस क्षेत्र में एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी और 'समाजवाद' को केंद्र में रखने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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