बेरूत का बदला! हिजबुल्लाह ने इजरायल के अशदोद नेवल बेस पर दागीं मिसाइलें, अब जंग और खतरनाक मोड़ पर?

Hezbollah Missile Attack Israel: हिजबुल्लाह ने इजरायल के दक्षिणी बंदरगाह अशदोद स्थित सैन्य नौसेना अड्डे को निशाना बनाया है। यह हमला लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों के जवाब में किया गया है।
Revenge for Beirut! Hezbollah Fires Missiles at Israel's Ashdod Naval Base Is the War Now at an Even More Dangerous Juncture?
हिजबुल्लाह का इजरायल पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Hezbollah Missile Attack Israel Ashdod Naval Base: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच हिजबुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने शुक्रवार को इजरायल के दक्षिणी बंदरगाह अशदोद (Ashdod) में स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य नौसेना अड्डे पर मिसाइल दागी है।

हिजबुल्लाह ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी लेते हुए इसे लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजरायल द्वारा किए गए लगातार हवाई हमलों और संघर्ष विराम समझौते के बार-बार उल्लंघन का करारा जवाब बताया है।

हिजबुल्लाह की इजरायल को कड़ी चेतावनी

हिजबुल्लाह का यह हमला उस समय हुआ है जब लेबनान इजरायली हमलों के कारण भारी नुकसान झेल रहा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, केवल पिछले बुधवार को इजरायल के हवाई हमलों में 303 लोगों की मौत हो गई और 1150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हिजबुल्लाह ने एक कड़ा बयान जारी कर चेतावनी दी है कि जब तक इजरायल और अमेरिका की ओर से लेबनान और उसके लोगों के खिलाफ आक्रामकता पूरी तरह बंद नहीं होती तब तक उसकी जवाबी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। संगठन का आरोप है कि इजरायल सीजफायर का उल्लंघन कर बेरूत सहित विभिन्न इलाकों को निशाना बना रहा है।

सीजफायर पर मंडराए संकट के बादल

ईरान और अमेरिका के बीच बुधवार से दो सप्ताह का संघर्ष विराम लागू हुआ है जिसके तहत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू होने वाली है हालांकि, इजरायल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यह संघर्ष विराम लेबनान में चल रहे संघर्ष पर लागू नहीं होता। ईरान और मध्यस्थ पाकिस्तान इजरायल के इस रुख का कड़ा विरोध कर रहे हैं। तेहरान का स्पष्ट कहना है कि लेबनान इस शांति समझौते का एक अविभाज्य हिस्सा है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर संकट

जानकारों का मानना है कि हिजबुल्लाह के इस ताजा हमले से पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है और यह इजरायल को नई जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता पर टिकी हैं क्योंकि लेबनान और इजरायल के बीच बढ़ता यह विवाद क्षेत्रीय स्थिरता और समझौते की सफलता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

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