'तेहरान के साथ हर कदम पर खड़ा हूं', युद्ध के बीच आया पुतिन का बयान, नए सुप्रीम लीडर को दी बधाई

Putin Support Iran: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के नए सुप्रीम नेता मोजतबा खामेनेई को बधाई दी है। यह जानकारी क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में दी गई। पुतिन ने कहा है कि रूस तेहरान के साथ खड़ा है।
Putin Support Iran
मोजतबा खामेनेई, पुतिन (सोर्स-डिजाइन इमेज)
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Putin On Iran New Supreme Leader: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता  को पद संभालने पर बधाई दी है।क्रेमलिन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि रूस ईरान का 'विश्वसनीय साझेदार' रहा है और भविष्य में भी तेहरान के साथ खड़ा रहेगा। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान नई नेतृत्व व्यवस्था के साथ क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रहा है।

अब रूस के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि पुतिन का अटूट समर्थन ईरान के साथ है। इससे पहले भी रूस ने ईरान-अमेरिका युद्ध पर चिंता जताई थी और पी-5 देशों की बैठक बुलाने का आह्वान किया था।

रूस का संदेश

क्रेमलिन की वेबसाइट पर जारी संदेश में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि ईरान जिस जटिल और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है, उसमें सर्वोच्च नेता का पद संभालना साहस और दृढ़ता की मांग करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई की विरासत को आगे बढ़ाते हुए देश को स्थिरता और एकजुटता की दिशा में ले जाएंगे। पुतिन ने अपने संदेश में यह भी कहा कि रूस ईरान के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाए रखेगा और दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहेगा।

हमलों के बीच हिम्मत से खड़े रहने की सलाह

रूसी राष्ट्रपति ने अपने बधाई संदेश में ईरान को मौजूदा हालात में मजबूती से खड़े रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि जब कोई देश बाहरी दबाव और हमलों का सामना कर रहा होता है, तब नेतृत्व की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। पुतिन के मुताबिक, ऐसे समय में सर्वोच्च नेता को साहस, धैर्य और त्याग की आवश्यकता होती है ताकि देश की जनता को एकजुट रखा जा सके और संकट से बाहर निकाला जा सके।

नए नेतृत्व के बीच बढ़ते रूस-ईरान संबंध

मोजतबा खामेनेई को हाल ही में ईरान के शक्तिशाली धार्मिक निकाय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देश का नया सर्वोच्च नेता चुना है। वह लंबे समय से ईरान की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में प्रभावशाली माने जाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में सत्ता परिवर्तन ऐसे समय हुआ है जब ईरान क्षेत्रीय संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना कर रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में रूस और ईरान के बीच रणनीतिक रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। खासतौर पर रूस यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य, ऊर्जा और कूटनीतिक सहयोग तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए नेतृत्व के साथ भी मास्को और तेहरान के रिश्तों में यह रणनीतिक साझेदारी आगे और मजबूत हो सकती है।

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