जाने वाली है पुतिन की कुर्सी! 2026 तक क्या बदल जाएगा रूस का बॉस? इस बड़े दांव से मचा हड़कंप

Vladimir Putin Power Bet: एक प्रेडिक्शन मार्केट ट्रेडर ने व्लादिमीर पुतिन के 2026 तक सत्ता गंवाने पर 3.8 करोड़ रुपये का दांव लगाया है। सही साबित होने पर उसे 23.8 करोड़ रुपये का बंपर रिटर्न मिलेगा।
Is Putin set to lose his seat? Will Russia's boss change by 2026? A major move sparks a stir.
व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Vladimir Putin Power Bet Prediction News In Hindi: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। दरअसल, एक ऑनलाइन ट्रेडर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भविष्य को लेकर करोड़ों रुपये की बाजी लगा दी है।

यह दांव ऐसे समय में लगाया गया है जब युद्ध के लंबा खिंचने के कारण रूस के भीतर पुतिन की लोकप्रियता और उनकी पकड़ को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

क्या सच में जा रही है पुतिन की कुर्सी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म 'पोलीमार्केट' पर एक यूजर ने भारी-भरकम रकम दांव पर लगाई है। 'जेडनोटलुवुईसेमेज' नाम से मौजूद इस ट्रेडर ने करीब 4.09 लाख डॉलर, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 3.89 करोड़ रुपये होते हैं।

उसने इस बात का दावा किया है कि व्लादिमीर पुतिन दिसंबर 2026 के अंत तक रूस के राष्ट्रपति पद पर नहीं रहेंगे। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो इस शख्स को करीब 25 लाख डॉलर यानी 23,80,00,000 रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जाएगा।

कौन है यह रहस्यमयी ट्रेडर?

हैरान करने वाली बात यह है कि इस ट्रेडर की प्रोफाइल फोटो में यूक्रेन का झंडा लगा हुआ है, जो इसके राजनीतिक झुकाव की ओर इशारा करता है। प्लेटफॉर्म पर फिलहाल इस घटना के सच होने की संभावना केवल 12 प्रतिशत मानी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद ट्रेडर ने इतना बड़ा जोखिम उठाया है।

इतना ही नहीं, इसी ट्रेडर ने यूक्रेन द्वारा क्रीमिया पर दोबारा कब्जा करने और अगस्त के अंत तक संभावित शांति समझौते पर भी अलग-अलग रकम की बाजी लगा रखी है।

पुतिन की लोकप्रियता में गिरावट

इस दांव के पीछे की वजह रूस के भीतर बदलते समीकरण भी हो सकते हैं। हाल ही में रूस की सरकारी पोल एजेंसी VTsIOM ने एक सर्वे जारी किया है, जिसमें पाया गया कि 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पहली बार पुतिन की लोकप्रियता में इतनी तेज गिरावट आई है।

केवल एक सप्ताह के भीतर उन पर जनता का भरोसा 3.4 प्रतिशत अंक कम हो गया है। महंगाई की बढ़ती मार, यूक्रेन के लंबी दूरी के मिसाइल हमले, ईंधन संकट और कई क्षेत्रों में इंटरनेट की पाबंदी ने आम रूसी नागरिकों के भीतर नाराजगी पैदा कर दी है।

क्या युद्ध खत्म करना चाहती है रूसी जनता?

'इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट स्टडीज एंड एनालिसिस ऑफ रशिया' की एक स्टडी के अनुसार, रूस में 10 में से 8 लोग चाहते हैं कि अब यह युद्ध जल्द से जल्द खत्म हो जाना चाहिए।

कुछ अन्य सर्वेक्षणों में यह आंकड़ा 60 से 70 प्रतिशत के बीच बताया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति पुतिन सार्वजनिक मंचों पर लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उनकी सेना मोर्चे पर बढ़त बनाए हुए है और यूक्रेन के हमलों का युद्ध के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।

क्या है पोलीमार्केट?

पोलीमार्केट जैसे प्लेटफॉर्म हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुए हैं। यहां लोग वैश्विक घटनाओं, चुनावों और युद्धों के परिणामों पर अपनी राय और पैसे लगाते हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि पुतिन जैसे ताकतवर नेता की सत्ता इतनी आसानी से नहीं जाएगी, लेकिन प्रेडिक्शन मार्केट में लगा यह बड़ा दांव यह जरूर दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर रूस के भविष्य को लेकर किस तरह की अनिश्चितता बनी हुई है।

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