पेट्रोल में एथेनॉल से घटता है माइलेज या बढ़ता है फायदा? सरकार ने पहली बार दिए बड़े आंकड़े, जानिए पूरा सच

Ethanol Blended Petrol: देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। जिसमें कई लोग यह दावा कर रहे है कि इससे गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है।
hardeep singh puri on e25 ethanol
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ethanol Benefits: देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। जिसमें कई लोग यह दावा कर रहे है कि इससे गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है जबकि कुछ इसे पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद भी बताते नजर आ रहे हैं। ऐसे में एक बात अब सामने आई है जिसमें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से जुड़े बड़े आंकड़े साझा करते हुए कई गलतफहमियों को दूर भी करने की कोशिश की है।

एथेनॉल से देश को हुआ 1.90 लाख करोड़ रुपये का फायदा

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया है कि 2014-15 से मई 2026 के बीच पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की वजह से भारत ने 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा को बचाया है। इतना ही नहीं एथेनॉल उत्पादन के लिए किसानों से खरीदे गए गन्ने और अन्य फसलों के बदले 1.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। जिसको लेकर सरकार का दावा है कि इस पहल से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कच्चे तेल पर देश की निर्भरता भी कम हुई है।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में भारत ने 310 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल के आयात में कमी दर्ज की है। वहीं लगभग 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन भी कम हुआ है जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

क्या सच में एथेनॉल से कम हो जाता है माइलेज?

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सबसे बड़ा सवाल माइलेज का है। इस पर मंत्री ने कहा कि उपलब्ध परीक्षण और व्यावहारिक अनुभव बताते हैं कि एथेनॉल इंजन की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने, एक्सेलेरेशन बढ़ाने और इंजन नॉकिंग कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी वाहन का माइलेज कम दिखाई देता है तो उसके पीछे सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, टोल प्लाजा और ड्राइविंग स्टाइल जैसे कई अन्य कारण हो सकते हैं। ऐसे में सिर्फ एथेनॉल को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

बीमा क्लेम और 25% एथेनॉल पर सरकार का रुख

वाहनों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से नुकसान होने पर बीमा क्लेम नहीं मिलने की आशंकाओं पर भी सरकार ने सफाई दी। जिसको लेकर मंत्री ने कहा है कि बीमा कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण किया जा रहा है। इसे 25% तक बढ़ाने का फैसला तभी लिया जाएगा जब सभी तकनीकी परीक्षण पूरी तरह सफल साबित होंगे। साथ ही एथेनॉल को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने 5 पन्नों का विस्तृत सूचना नोट भी तैयार किया है।

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