

Osman Hadi Killer in Dubai: बांग्लादेश के एक चर्चित पत्रकार ने स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की हत्या के मुख्य संदिग्ध की लोकेशन सार्वजनिक की है। जिसके कुछ ही घंटे बाद आरोपी ने विदेश से एक वीडियो संदेश जारी कर हत्या में अपनी भागीदारी से इनकार किया और एक राजनीतिक समूह पर गंभीर आरोप लगाया। यह वही आरोपी है जिसके भारत भागने का दावा किया जा रहा था। शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद ने ऑनलाइन वीडियो में कहा कि वह फिलहाल दुबई में है और हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है। इसके बजाय, उसने जमात-ए-इस्लामी की छात्र शाखा, जमात शिबिर, पर जिम्मेदारी का आरोप लगाया और हादी के साथ अपने संबंधों को पूरी तरह पेशेवर बताया।
मसूद ने वीडियो में कहा, “मैंने हादी को नहीं मारा। मेरे परिवार और मुझे फंसाया जा रहा है। मैं खुद को 'विच हंट' से बचाने के लिए दुबई आया हूं। हादी जमात का प्रोडक्ट है। हो सकता है इसके पीछे जमातियों का हाथ हो।” उन्होंने दावा किया कि वह एक आईटी कंपनी के मालिक के रूप में हादी से सिर्फ व्यापारिक कारणों से मिला था और सरकारी ठेके मिलने के बदले राजनीतिक दान दिए थे।
इससे पहले बांग्लादेश पुलिस ने आरोप लगाया था कि मसूद और एक अन्य संदिग्ध आलमगीर शेख ने 12 दिसंबर को हादी पर हमला होने के बाद देश छोड़कर हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश किया और शायद अन्य स्थानों पर चले गए। हालांकि, भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने इस दावे का खंडन किया है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और मेघालय पुलिस ने ऐसी किसी क्रॉस-बॉर्डर मूवमेंट की खबरों को निराधार बताया।
हादी को 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में एक चुनावी अभियान के दौरान दिनदहाड़े गोली मारी गई थी। गंभीर चोटों के कारण उनकी 18 दिसंबर को सिंगापुर में मृत्यु हो गई, जिससे पूरे बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन और अशांति फैल गई।
ढाका पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है। हत्या और कथित भागने की योजना से जुड़े कई संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। मसूद को भागने में मदद करने के आरोप में दो लोगों को रिमांड पर लिया गया है, और आने वाले दिनों में चार्जशीट दायर होने की उम्मीद है।