...और सख्त हुई US वीजा पॉलिसी! सोशल मीडिया कहीं ना बढ़ा दे परेशानी, जानिए ट्रंप का नया फरमान

Trump New Visa Policy: अमेरिका ने अपनी वीजा नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सोशल मीडिया स्क्रीनिंग दायरे को और सख्त कर दिया है। इस प्रक्रिया में अब विदेशी पत्रकार और पेशेवरों को शामिल किया जा रहा है।
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यूएस स्टेट डिपार्टमेंटसोर्स- सोशल मीडिया
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US Visa Policy: अमेरिका ने वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का दायरा विदेशी पत्रकारों और कुछ पेशेवरों तक बढ़ा दिया है। कड़ी जांच-पड़ताल की इस प्रक्रिया के तहत एच-1 बी धारक वर्कर और विदेशी छात्रों को भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक करने होंगे। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने पिछले महीने इस विस्तार की घोषणा की थी, लेकिन यह नियम बुधवार से लागू हो गया।

स्टेट डिपार्टमेंट की ओर से कहा गया कि इस जांच प्रक्रिया में मदद के लिए, आई, टीडी और टीएन नॉन-इमिग्रेंट वीजा के सभी आवेदकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग को 'पब्लिक' या 'ओपन' पर सेट करें।

विदेशी पत्रकारों के लिए भी नियम

अमेरिका में यह बदलाव उन विदेशी पत्रकारों के लिए खास तौर पर अहम है जो काम के सिलसिले में वहां जा रहे हैं, क्योंकि आई-वीजा आवेदकों को अब ऑनलाइन मौजूदगी की जांच के दायरे में साफ तौर पर शामिल किया गया है। यह नियम स्क्रीनिंग की उस व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है जो उन कई वीजा कैटेगरी पर असर डालती है, जिनका इस्तेमाल अमेरिका जाने, वहां पढ़ाई करने या काम करने वाले भारतीय बड़े पैमाने पर करते हैं।

कई कैटेगरी के लिए नियम हैं

स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि ऑनलाइन जांच की व्यवस्था पहले से ही एच-1बी अस्थायी कर्मचारियों, एच-4 आश्रितों और एच-3 ट्रेनी पर लागू है। इसमें ए-1 और एम-1 छात्र और उनके एफ-2 और एम-2 आश्रित, जे-1 और जे-2 एक्सचेंज विजिटर और कई अन्य नॉन-इमिग्रेंट कैटेगरी भी शामिल हैं।

पहले से शामिल अन्य वीजा कैटेगरी में कुछ डिप्लोमैटिक और ऑफिशियल वीजा, धार्मिक कार्यकर्ताओं के लिए वीजा, इंटरनेशनल कल्चरल एक्सचेंज में भाग लेने वाले और मंगेतर वीजा शामिल हैं।

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योग्यता को परखने के लिए पॉलिसी

स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि आवेदकों की स्क्रीनिंग करते समय वह उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल यह तय करने के लिए करता है कि क्या वे देश में आने के योग्य हैं।

विभाग ने कहा, "वीजा स्क्रीनिंग और जांच के दौरान विभाग जानकारी के हर उपलब्ध स्रोत का इस्तेमाल उन आवेदकों की पहचान करने के लिए करता है, जिन्हें शायद यूनाइटेड स्टेट्स में आने की इजाजत न मिले, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।"

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जांच के लिए कड़े स्टैंडर्ड

विभाग ने आगे कहा, "हम सभी वीजा आवेदकों के लिए जांच के इस कड़े स्टैंडर्ड को एक जैसा लागू करते हैं।"

विभाग ने घोषणा में यह नहीं बताया कि आवेदकों की सोशल मीडिया एक्टिविटी का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा या कौन सी पोस्ट या ऑनलाइन एक्टिविटी वीजा के फैसले पर असर डाल सकती है।

हालांकि, सोशल मीडिया अकाउंट को पब्लिक करने की जरूरत से कॉन्सुलर अधिकारियों को मंजूरी की प्रक्रिया के दौरान आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी की जांच करने में ज्यादा मदद मिलती है।

स्टेट डिपार्टमेंट ने वीजा मंजूरी की प्रक्रिया को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला बताया।

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