Varanasi: अधिवक्ताओं का ज्ञापन, विपक्षी नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई और NIA जांच की मांग

Varanasi News: अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कई विपक्षी नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।
Varanasi Lawyers Demand NSA Action and NIA Probe Over Delhi Protest-Related Allegations
ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Memorandum Against Opposition In Varanasi: दिल्ली में चल रहे धरना-प्रदर्शनों और राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर वाराणसी में अधिवक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी को ज्ञापन सौंपकर विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई और पूरे मामले की एनआईए से जांच कराने की मांग की है।

विपक्ष पर उपद्रव और संसद के कामकाज को प्रभावित करने का आरोप

वाराणसी में शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी, अधिवक्ता संजीवन यादव, अधिवक्ता अरुण मौर्य, मनीष सिंह तथा समाजसेवी विपुल पाठक ने अपर पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दिल्ली में भीड़जनित हिंसा, अराजकता और उपद्रव के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा संसद के कामकाज को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

विपक्षी नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की मांग

साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और देश में असंतोष का वातावरण बनाने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, योगेंद्र यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही पूरे प्रकरण में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संभावित साजिश की आशंका जताते हुए मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की भी मांग उठाई गई।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस आयुक्त से दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह प्रार्थना पत्र सौंपा है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की अपेक्षा की है।

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