US Strikes Iran: हॉर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, सात घंटे चली सैन्य कार्रवाई
US Strikes Iran: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर 7 घंटे तक भारी बमबारी की है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों को पूरी तरह रोकना है।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिका का ईरान पर हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
Deadly US Strikes Iran Launches Seven Hour Operation On Iranian Assets: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य हमले बहुत ज्यादा तेज कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बहुत भारी बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को अपना मुख्य निशाना बनाते हुए सात घंटे तक लगातार सैन्य कार्रवाई की। यह बहुत ही बड़ा हमला उन सभी व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
सेंटकॉम ने अपने आधिकारिक बयान में यह साफ कहा है कि यह ऑपरेशन अमेरिकी समयानुसार रात 10 बजे खत्म हुआ। इस कार्रवाई में अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और कई नौसैनिक जहाजों ने भी अपना हिस्सा लिया। उन्होंने ईरान की मिसाइल साइटों, नौसैनिक क्षमताओं और तटीय रक्षा प्रणालियों पर कई सटीक हमले किए। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह से कमजोर करना है।
नाकाबंदी और व्यापारिक मार्ग
हॉर्मुज स्ट्रेट पूरी दुनिया के वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण रास्ता है। यह नए हवाई हमले ठीक उसी दिन हुए हैं जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की कड़ी नाकाबंदी फिर से शुरू की है। तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ यह अमेरिकी नाकाबंदी शाम 4 बजे से लागू हो गई है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय जहाजों और बेगुनाह चालक दल को बचाना है।
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मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना
अमेरिकी कमांड ने स्पष्ट रूप से बताया है कि इस समय मध्य पूर्व में उनकी बहुत ही बड़ी सैन्य तैनाती है। वहां अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान पूरी तरह से तैनात किए गए हैं। अमेरिकी कमांड ने कहा कि हमारी सेना पूरी तरह से सतर्क, बहुत घातक और युद्ध के लिए हमेशा तैयार है।
ईरान की आक्रामकता का जवाब
कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि यह कार्रवाई ईरान के लगातार हो रहे कई खतरनाक हमलों के जवाब में है। पिछले सात दिनों में ईरान ने जान-बूझकर सात बड़े कमर्शियल जहाजों पर बहुत ही घातक हमले किए हैं। इन क्रूर हमलों में लगभग एक दर्जन निर्दोष नागरिक क्रू मेंबर मारे गए, लापता हुए या बहुत बुरी तरह से घायल हुए हैं।
खाड़ी देशों पर हुए हमले
एडमिरल कूपर ने यह भी बताया कि ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। अमेरिकी सेना ईरान को इस भारी गैर-जरूरी आक्रामकता के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराकर अपना कड़ा जवाब दे रही है। इस आक्रामकता से बेगुनाह लोगों की जान को लगातार खतरा बना हुआ है, जिसे अमेरिका पूरी तरह से रोकना चाहता है।
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हमलों की जानकारी गुप्त
हालांकि अमेरिकी कमांड ने उन सभी अहम ठिकानों की सटीक जानकारी नहीं दी है जहां ये भयंकर हमले किए गए थे। इन हमलों में हुए नुकसान का सटीक आकलन और हताहतों की कोई भी संख्या अभी तक नहीं बताई गई है। कमांड ने उन व्यापारिक जहाजों और खाड़ी देशों के नाम भी पूरी तरह गुप्त रखे हैं जिन पर ईरान ने खतरनाक हमले किए थे।
भविष्य के ऑपरेशन की तैयारी
सेंट्रल कमांड ने साफ शब्दों में यह चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना आगे भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका के कमांडर-इन-चीफ के आदेश मिलते ही सेना और भी ज्यादा खतरनाक व बड़े ऑपरेशन करने के लिए मुस्तैद है। मध्य पूर्व के इस भारी तनाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर एक बहुत बड़ा असर सीधा देखने को मिल रहा है।
