ईरान पर 12वीं रात भी बरसे अमेरिकी बम, सिरिक में जोरदार धमाके; ट्रंप ने बातचीत से किया साफ इनकार
Us Strikes Iran: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बादल गहरा गए हैं। अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात दक्षिणी ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान पर लगातार अमेरिकी हमला, सांकेतिक एआई फोटो
Us Strikes Iran Sirik Blasts: पश्चिम एशिया में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को लगातार 12वीं रात ईरान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों से दक्षिणी ईरान का सिरिक क्षेत्र दहल उठा है, जहां देर रात भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि यह सैन्य कार्रवाई राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के सीधे आदेश पर की गई है।
CENTCOM ने दी हमलों की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह हवाई हमले बुधवार शाम करीब 5:30 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू किए गए। इस सैन्य ऑपरेशन का प्राथमिक उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनसे वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और आम नाविकों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने मुख्य रूप से ईरान के एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज सेंटर, सैन्य ऑपरेशन्स मुख्यालय और समुद्री रसद बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर भारी क्षति पहुंचाई है।
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U.S. Central Command tweets, "At 5:30 p.m. ET today, U.S. forces began launching more strikes against Iranian military targets at the Commander in Chief's direction. The mission will continue to further degrade Iran's ability to threaten civilian mariners and commercial vessels… pic.twitter.com/xI24kopd8A — ANI (@ANI) July 23, 2026
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव
अमेरिका का दावा है कि ये हमले ईरान को जवाब देने के लिए जरूरी थे। गौरतलब है कि मंगलवार को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया था, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। इस जंग की तपिश अब पड़ोसी देशों तक भी पहुंच रही है।
बहरीन और कुवैत जैसे देशों में मिसाइल हमलों की आशंका के चलते सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया गया है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिलसिला नहीं थमा, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की सप्लाई चैन पर इसका विनाशकारी असर पड़ सकता है।
ट्रंप का कड़ा रुख
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनकी ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत में कोई रुचि नहीं है। ट्रंप के हालिया बयानों ने दुनिया की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान के उन क्षेत्रों को भी निशाना बना सकती है जो परमाणु संवर्धन केंद्रों के करीब हैं। अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि जब तक ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के लिए खतरा बना रहेगा, तब तक यह मिशन जारी रहेगा।
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ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की धमकियां
ईरान भी जवाबी कार्रवाई की धमकियां दे रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समय शांति की अपील कर रहा है, लेकिन व्हाइट हाउस के तेवरों से लगता है कि अमेरिका ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह पंगु बनाने के मूड में है।
