

US Releases Video of Iranian Ship Capture: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक ईरानी कार्गो जहाज को अमेरिकी नौसेना ने रोककर कब्जे में ले लिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव तेजी से बढ़ गया है और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आक्रामक कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। इसी बीच, अमेरिकी युद्ध विभाग (पेंटागन) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई का वीडियो जारी किया है। बयान के अनुसार, 19 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में एक ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज “M/V तौस्का” को रोका, जो ईरान के बंदर अब्बास की ओर बढ़ रहा था। यह जहाज अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Spruance की निगरानी में था।
अमेरिकी पक्ष का दावा है कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई कि वह कथित नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा है। लगभग छह घंटे तक लगातार चेतावनी देने के बावजूद जब जहाज ने रुकने से इनकार किया, तो अमेरिकी बलों ने कार्रवाई की।
रिपोर्ट के अनुसार, डिस्ट्रॉयर ने अपने 5-इंच MK-45 गन से फायरिंग कर जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया, जिससे उसकी गति और संचालन क्षमता समाप्त हो गई। इसके बाद 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के सैनिक जहाज पर चढ़े और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।
अमेरिकी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई “सोच-समझकर, पेशेवर और अनुपातिक” थी। साथ ही यह भी दावा किया गया कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद अब तक 25 वाणिज्यिक जहाजों को या तो वापस लौटने या ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने से रोका गया है।
इस कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान ने पलटवार किया और दावा किया कि उसने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए “समुद्री डकैती” की है और यह सीधी आक्रामकता है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पहले से कमजोर चल रही कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। होर्मुज क्षेत्र, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है, वहां स्थिति अब बेहद अस्थिर मानी जा रही है।