अमेरिकी राष्ट्रीय ऋण में 39 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
US National Debt Surges 39 Trillion Dollar: अमेरिका ने हाल ही में इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। इस हमले को अब 20 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन इसका आर्थिक असर अमेरिका पर लगातार बढ़ता जा रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, अमेरिका एक गंभीर वित्तीय चुनौती का सामना कर रहा है। बुधवार तक देश का राष्ट्रीय कर्ज रिकॉर्ड 39 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया।
यह आंकड़ा और भी चौंकाने वाला इसलिए है क्योंकि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों में लगा हुआ है। इसके तहत बड़ा टैक्स कानून, रक्षा खर्च में बढ़ोतरी और इमिग्रेशन पर सख्ती जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, कर्ज कम करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी वादों में कर्ज घटाने की बात कही थी, लेकिन अब तक इसमें कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका का कुल कर्ज भारत की पूरी अर्थव्यवस्था से लगभग 10 गुना अधिक है।
गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस के अनुसार, बढ़ते कर्ज के पीछे कई कारण हैं जैसे मॉर्गेज और कार लोन पर बढ़ती ब्याज दरें, निवेश में कमी के कारण वेतन वृद्धि का धीमा होना, और वस्तुओं व सेवाओं की बढ़ती महंगाई। संतुलित बजट के समर्थक चेतावनी दे रहे हैं कि लंबे समय तक बढ़ता कर्ज और उस पर बढ़ती ब्याज दरें अमेरिका के लिए भविष्य में गंभीर आर्थिक समस्याएं खड़ी कर सकती हैं।
पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के चेयरमैन और CEO माइकल पीटरसन ने कहा है कि कर्ज की यह तेज रफ्तार और इससे आने वाली पीढ़ियों पर पड़ने वाला बोझ चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यह समस्या अब और गंभीर होती जा रही है, और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अमेरिका में यह भी देखा गया है कि चाहे रिपब्लिकन हों या डेमोक्रेट, दोनों ही दलों के कार्यकाल में राष्ट्रीय कर्ज में लगातार बढ़ोतरी हुई है। हाल के वर्षों में युद्ध, कोविड-19 महामारी के दौरान भारी खर्च और टैक्स कटौती जैसी नीतियों ने इस कर्ज को और बढ़ाया है।
कुछ महीनों के भीतर ही कर्ज तेजी से बढ़ा है पहले यह 37 ट्रिलियन डॉलर था, फिर 38 ट्रिलियन डॉलर और अब 39 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रफ्तार जारी रही, तो यह कर्ज जल्द ही 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अब तक अमेरिका का 12 बिलियन डॉलर से अधिक खर्च हो चुका है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह युद्ध कब समाप्त होगा। वहीं व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि वर्तमान प्रशासन ने पहले साल में घाटे को कुछ हद तक कम करने में सफलता पाई है।
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अमेरिकी वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में सरकार का कुल खर्च 7.01 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबकि आय केवल 5.23 ट्रिलियन डॉलर थी। इस प्रकार देश को 1.78 ट्रिलियन डॉलर का घाटा हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन अब भी बेहद बड़ा आंकड़ा है।