कैरेबियन सागर में अमेरिका का मिसाइल हमला, संदिग्ध ड्रग्स नाव के उड़े परखच्चे; कई लोगों की मौत

US Military Strike Caribbean: अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में एक संदिग्ध ड्रग तस्करी नाव पर घातक हमला किया है। इस हमले में 3 लोग मारे गए हैं, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा 133 पहुंच गया है।
A major US missile strike in the Caribbean Sea destroys a suspected drug boat; several people are killed
कैरेबियन सागर में अमेरिका का बड़ा हमला, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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Drug Trafficking Boat Explosion: अमेरिकी सेना ने नार्को-तस्करी के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए कैरेबियन सागर में एक और संदिग्ध नाव पर 'काइनेटिक स्ट्राइक' की है। अमेरिकी साउथर्न कमांड जो लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में सैन्य अभियानों की देखरेख करता है उसने शुक्रवार को पुष्टि की कि इस ताजा हमले में तीन संदिग्ध ड्रग तस्कर मारे गए हैं।

मिसाइल हमले का वीडियो जारी

साउथर्न कमांड द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी में तेजी से बढ़ रही एक नाव मिसाइल जैसी किसी वस्तु की चपेट में आते ही आग के गोले में तब्दील हो जाती है। सैन्य बयान के अनुसार, खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह जहाज कैरेबियन में ज्ञात नार्को-ट्रैफ़िकिंग मार्गों से गुजर रहा था और सक्रिय रूप से तस्करी के संचालन में लगा हुआ था। यह इस सप्ताह अमेरिकी सेना द्वारा किया गया दूसरा घातक समुद्री हमला है। इससे पहले सोमवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में किए गए हमले में दो संदिग्ध तस्कर मारे गए थे।

अब तक 133 लोगों की मौत

पेंटागन के बयानों के विश्लेषण के अनुसार, इन 39 सैन्य हमलों में अब तक कम से कम 133 लोग मारे जा चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार, नवंबर के बाद कैरेबियन में यह पहला हमला है क्योंकि हाल के अधिकांश हमले प्रशांत क्षेत्र में केंद्रित थे। हालांकि, अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई पर मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। 'वॉशिंगटन ऑफिस ऑन लैटिन अमेरिका' (WOLA) के एक विश्लेषण के अनुसार, समुद्र में किए जा रहे ये हमले 'एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स' (न्यायेतर हत्याएं) के समान हैं जहां मारे गए लोगों को किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया या सुनवाई का मौका नहीं दिया जाता।

नेतृत्व परिवर्तन और नीतिगत मतभेद

इन हमलों की वैधता को लेकर विवाद इतना गहरा है कि हाल ही में अमेरिकी नौसेना के एडमिरल एल्विन होल्सी ने इस 'बोट-स्ट्राइक' नीति पर मतभेदों के कारण सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना। उनके स्थान पर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन को साउथर्न कमांड का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है।

नार्को-आतंकवाद के खिलाफ अभियान

ट्रम्प प्रशासन इन कार्रवाइयों को 'नार्को-आतंकवाद' के खिलाफ एक अभियान के रूप में पेश कर रहा है। इसकी शुरुआत जनवरी में वेनेजुएला की राजधानी पर हमले और तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के साथ हुई थी। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन बिना किसी ठोस सबूत या जवाबदेही के उन लोगों को मारने का असीमित लाइसेंस ले रहा है जिन्हें राष्ट्रपति 'आतंकवादी' घोषित कर देते हैं। पेंटागन ने अब तक इन अभियानों के बारे में अतिरिक्त जानकारी देने के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया है।

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