ईरान युद्ध (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Military Strikes In Iran: पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध अब एक बेहद विनाशकारी मोड़ पर पहुंच चुका है जहां हर तरफ सिर्फ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर शुरू हुए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने ईरान के सैन्य ढांचे और उसके नेतृत्व को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। इस भीषण संघर्ष के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने मिडिल ईस्ट की सुलगती आग में घी डालने का काम किया है। भारत सहित पूरी दुनिया इस युद्ध के भयानक आर्थिक और मानवीय परिणामों को लेकर आज बहुत ही गहरी चिंता और डर में डूबी हुई है।
ईरान में दशकों तक शासन करने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश में मातम और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के भारी दबाव के बीच उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को आनन-फानन में ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। इजरायल ने सख्त चेतावनी दी है कि वह खामेनेई के किसी भी उत्तराधिकारी को अपना अगला निशाना बनाने से अब बिल्कुल पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिकी सेना ने ईरान के लगभग 2,000 सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं जिनमें बहुत ही भारी जान-माल का नुकसान होने की खबरें हैं। इन हमलों में अब तक 1,045 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है जिसमें मीनाब के एक स्कूल की 165 मासूम छात्राएं भी शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने दावा किया है कि उनकी वायुसेना ने अब ईरान के पूरे हवाई क्षेत्र पर अपना पूर्ण सैन्य नियंत्रण प्राप्त कर लिया है।
हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत ‘IRIS Dena’ को टॉरपीडो हमले में पूरी तरह से समंदर में डुबो दिया है। श्रीलंका की नौसेना ने अब तक समंदर की लहरों से 87 ईरानी नौसैनिकों के शव बरामद किए हैं जबकि जहाज पर सवार कई अन्य अभी भी लापता हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने किसी दुश्मन के युद्धपोत को टॉरपीडो से हमला करके डुबोने की कार्रवाई की है।
इस भीषण जंग के कारण भारतीय पर्यटन उद्योग को तगड़ा झटका लगा है और मध्य पूर्व की यात्रा करने वाले करीब 60,000 पर्यटकों की बुकिंग रद्द हो गई है। लगभग 1200 करोड़ रुपये की कीमत का 4 लाख टन भारतीय चावल अभी भी असुरक्षित समुद्री रास्तों या विदेशी बंदरगाहों पर बुरी तरह से फंसा हुआ है। भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और एयर इंडिया फंसे हुए लोगों के लिए विशेष उड़ानें चला रही है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान और कुवैत के शीर्ष नेताओं से फोन पर बात कर वहां रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की है। चीन और रूस ने शांति की अपील की थी जिसे अमेरिका ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह लड़ाई सिर्फ ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ है। ट्रंप का मानना है कि यह संकट खत्म होते ही तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक नीचे गिर जाएंगी जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।